श्री गुरु गोविंद सिंह के 350 वें शताब्दी प्रकाश उत्सव पर कानपुर में नगर कीर्तन धूमधाम से निकला। लाटूश रोड गुरुद्वारा से शुरू हुआ नगर कीर्तन मोतीझील पहुंचा। इस दौरान सिखों की कलाबाजी देख सभी ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। इसमें सबसे आगे घुड़सवार दस्ता और उसके पीछे लुधियाना का आकाश पाइप बैंड चल रहा था।
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नारियल तोड़ने की कलाबाजी
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कानपुर में प्रकाशोत्सव के दौरान कलाबाजी करते सिख
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
कलाकार पाइपों से विभिन्न तरह की धुनें निकाल रहे थे। इनके पीछे स्कूली बच्चों के जत्थे थे। विभिन्न गुरुद्वारों के कीर्ती जत्थों के पीछे पांच प्यारे, फूलों से सजी पालकी पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान थे। उनके पीछे भी एक कीर्ती जत्था था। कानपुर में प्रकाशोत्सव के दौरान कलाबाजी करते सिखों को देखकर हरकोई हैरान हो गया।
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‘सूरा सो पहिचानिये जो लड़े दीन के हेत’
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कानपुर में प्रकाशोत्सव
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
जत्थों ने ‘सूरा सो पहिचानिये जो लड़े दीन के हेत, पुर्जा-पुर्जा कट मरे तबहू न छाडे़ खेत...’ सहित अन्य कीर्तन किए। दशमेष शस्त्र की तरफ से सिखों की परंपरागत युद्धकला गतका का प्रदर्शन किया गया। इसमें तलबारबाजी, तलवार से नारियल फोड़ना, लाठियां चलाने के करतब देखने के लिए जगह-जगह राहगीरों की भीड़ लगी रही।
नगर कीर्तन का जोरदार स्वागत
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कानपुर में प्रकाशोत्सव
रास्ते में जगह-जगह गेट बनाकर संत नगर यूथ कल्चरल सोसाइटी सहित विभिन्न संगठनों ने नगर कीर्तन का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान नाश्ता, चाय, पानी, मिठाई का वितरण हुआ। लाटूश रोड से डिप्टी पड़ाव, संगीत टाकीज, जरीब चौकी, फजलगंज, संत नगर, गुमटी, अशोक नगर होता हुआ कीर्तन रात 10 बजे मोतीझील पहुंचा।
मोतीझील में लंगर आज प्रकाशपर्व के तहत 4 जनवरी को मोतीझील में लंगर सेवा होगी। इसमें सभी संगतें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगी। मंजीत सिंह सागरी को लंगर इंचार्ज बनाया गया है। इसमें तीन लाख लोगों के लिए लंगर तैयार किया जाएगा।