सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के तेवर इन दिनों सातवें आसमान पर हैं। इसका असर उस वक्त नजर आया जब बेटा अखिलेश उनके पास एक प्रपोजल लेकर पहुंचा। जैसे ही नेताजी ने प्रपोजल के बारे में सुना, वे भड़क उठे। उन्होंने अखिलेश को नसीहत देते हुए प्रपोजल को ठुकरा दिया जबकि अखलेश चाहते थे कि नेताजी इस प्रपोजल पर अपनी स्वीकृति दे डाले। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। तो आईए जानते है आखिर अखिलेश कौनसा प्रपोजल लेकर पहुंचे थे...
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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव
दरअसल, अखिलेश महागठबंधन के प्रस्ताव को लेकर मुलायम सिंह के पास पहुंचे थे। वे बिहार की तर्ज पर भाजपा को यूपी में रोकने के लिए महागठबंधन करने का प्रस्ताव लेकर मुलायम सिंह (नेताजी) के पास पहुंचे थे। लेकिन नेताजी ने इस पर स्वीकृति देने से इंकार कर दिया। अब जानिए मुलायम ने प्रस्ताव को क्यों नहीं दी स्वीकृति...
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मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव
मुलायम की सबसे बड़ी विरोधी मायावती
मुलायम सिंह के सामने उनकी सबसे बड़ी विरोधी मायावती का नाम गठबंधन के लिए सामने आया तो यह बात उनके गले नहीं उतरी। बस फिर क्या था उन्होंने कदम पीछे खींच लिए।
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मायावती (फाइल फोटो)
बिहार की तर्ज पर यूपी में महागठबंधन फॉर्मुला
अखिलेश यादव ने बीजेपी को रोकने के लिए किसी भी पार्टी से अलायंस की बात कही थी। मुलायम ने रविवार को मैनपुरी में एक प्रोग्राम के दौरान यह साफ कर दिया कि वे ऐसे किसी भी महागठबंधन को लेकर राजी नहीं होंगे। उन्होंने कहा इसकी कोई जरूरत नहीं है। समाजवादी अकेले ही सक्षम हैं। इस बात से उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से किया गठबंधन भी गलत था।
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अखिलेश और राहुल गांधी
कांग्रेस से गठबंधन के भी खिलाफ थे मुलायम...
बता दें कि मुलायम ने यूपी असेंबली इलेक्शन के दौरान भी कांग्रेस से गठबंधन का विरोध किया था। लेकिन, अखिलेश ने जब उनकी सलाह नहीं मानी तो मुलायम ने सार्वजनिक तौर पर इस गठबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। हालांकि, मुलायम की नाराजगी के बावजूद गठबंधन जारी रहा और असेंबली इलेक्शन में इस अलायंस को हार मिली।
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नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
2019 को लेकर महागठबंधन की तैयारी
विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब बीजेपी विरोधी पार्टियां 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं। पहले गठबंधन से इनकार करने वाली मायावती का रुख भी अब नर्म नजर आ रहा है। महागठबंधन की चर्चा तब और तेज हो गई जब पिछले दिनों अखिलेश ने ममता बनर्जी से दिल्ली में मुलाकात की थी। लेकिन मुलायम अड़ गए हैं।
बीजेपी विरोधी पार्टियों से हाथ मिलाने में परहेज नहीं-मायावती
मायावती ने भी गठबंधन की बात कही थी। मायावती ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की 126वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में कहा था- ''ईवीएम मुद्दे पर बीजेपी विरोधी पार्टियों से हाथ मिलाने में परहेज नहीं।'' ''बीजेपी विरोधी पार्टियां भी हमारे साथ आना चाहेंगी तो उनके साथ भी अब हमें हाथ मिलाने में कोई परहेज नहीं होगा।''