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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी : बैरक में ही होगा रोजा, पांचवें दिन ही डॉक्टरों के पास पहुंचा बाहुबली

Mon, 12 Apr 2021 05:40 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी - फोटो : अमर उजाला
बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी कई बीमारियों के बावजूद रमजान में रोजा और नमाज से कोई परहेज नहीं करेगा। इसके संकेत जेल प्रशासन को मिलने लगे हैं। इफ्तार और सहरी का सामान जेल की कैंटीन से लिया जा सकता है। मुख्तार अंसारी के यहां शिफ्ट होने से पहले ही जेल की कैंटीन में स्टॉक मंगा लिया गया था।

 
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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी - फोटो : अमर उजाला
रविवार को मुख्तार अंसारी का जेल की बैरक में पांचवां दिन था। बताया गया कि वह बैरक नंबर 16 में हैं। नमाज और रोजा का वह पाबंद है। दो दिनों बाद शुरू हो रहे रमजान के लिए इफ्तारी व सहरी की खाद्य सामग्री के लिए वह जेल नियमों के तहत जेल प्रशासन से मांग करेगा।

 
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एंबुलेंस से उतरता मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
हालांकि, बताया गया है कि मुख्तार अंसारी कमर और घुटनों में दर्द से परेशान हैं। जेल अधिकारियों को यह बात बताई है। इस पर शनिवार को शाम जिला अस्पताल के डाक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल ने जेल आकर मुख्तार की सेहत का मुआयना किया। इनमें फिजीशियन डा. हृदयेश पटेल, वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एसएन मिश्रा और हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विकासदीप शामिल थे।

 

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मुख्तार अंसारी - फोटो : amar ujala
मुख्तार का बिस्तर बैरक के फर्श पर ही है। शुक्रवार को मऊ की अदालत से एक मामले में जमानत मंजूर होने की खबर मुख्तार ने जेल में गौर से पढ़ी। फिलहाल मुलाकात पर पाबंदी होने और सीसीटीवी कैमरों के डर से जेल सुरक्षा कर्मियों के नजदीक न आने से मुख्तार का पूरा समय तन्हाई में गुजार रहा है।

 
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बांदा जेल में रहेगा मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के वकील नहीं मिल पाए
रविवार को एक अधिवक्ता ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी से जेल में मुलाकात की कोशिश की, लेकिन जेलर ने कोरोना गाइडलाइन के चलते बंदियों से मुलाकात पर लगी रोक का हवाला देकर मंजूरी नहीं दी। बताते हैं कि अनिमेष शुक्ल नामक अधिवक्ता प्रयागराज से आए थे। उन्होंने कुछ कानूनी राय-मशविरे के लिए मुख्तार अंसारी से मुलाकात की अर्जी दी। जेलर पीके त्रिपाठी ने कहा कि फिलहाल किसी भी बंदी से मुलाकात नहीं की जा सकती। अधिवक्ता वापस लौट गए। संभावना जताई जा रही कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिवक्ता और परिजनों की मुलाकात कराई जाए।
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