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भाजपा से बैरी होने के मूड में ब्राह्मण, सांसद भैरौ के समर्थकों ने पीएम को लिखा पत्र

Tue, 09 Apr 2019 02:34 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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भाजपा में अंदरूनी विरोध की आहट मिलने लगी
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने के बाद बांदा जिले में अंदरूनी विरोध की आहट मिलने लगी है। पार्टी कार्यकर्ता तरह-तरह की दलीलें देकर हाईकमान के फैसले पर तीखी प्रतिक्रियाएं जता रहे हैं। कहा जा रहा है कि दो साल पूर्व भाजपा में आए आरके पटेल को आनन-फानन विधानसभा का टिकट देकर विधायक बनवा दिया गया। अब लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी भी बना दिया गया। जबकि कई दशकों से पार्टी में जी-जान से जुटे नेताओं को खारिज कर दिया गया।
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भाजपा में अंदरूनी विरोध की आहट मिलने लगी - फोटो : अमर उजाला
बांदा से टिकट मांगने वालों में पूर्व जिलाध्यक्ष और पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू भी शामिल थे। सोमवार को उन्हीं की मौजूदगी में उनके समर्थकों की बैठक में कहा गया कि भैरो न सही तो पार्टी के कई अन्य ब्राह्मण नेता भी टिकट के काबिल थे। अगर पटेल समाज को टिकट दिया जाना था तो पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल सहित रामलखन राजपूत या प्रद्युम्न राजपूत आदि को क्यों नहीं। कहा गया कि झांसी में भी यही हुआ। दो दिन भी काम न करने वालों को टिकट दे दिया गया। 42 साल से पार्टी की सेवाएं करने वाले पीछे कर दिए गए।
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भाजपा में अंदरूनी विरोध की आहट मिलने लगी
जीतू के समर्थकों ने यह तक कहा कि बसपा के राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेता से सांठगांठ कर यहां कमजोर प्रत्याशी उतारा गया है। ताकि गठबंधन जीत सके। जीतू ने अपने समर्थकों से कहा है कि 10 अप्रैल को अपने पिता की पुण्यतिथि के बाद अगले ही दिन वह कोई निर्णय लेंगे।

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भाजपा में अंदरूनी विरोध की आहट मिलने लगी
भाजपा में ब्राह्मण प्रत्याशी न बनाए जाने पर ब्राह्मण महासभा की बांदा जिला शाखा भड़की है। कहा है कि तीन दशकों से 80 फीसदी ब्राह्मण भाजपा के समर्थक और वोटर हैं। इसके बाद भी उनकी उपेक्षा की गई। चेतावनी दी कि भाजपा हाईकमान ने अपने निर्णय में पुनर्विचार नहीं किया तो ब्राह्मण वोटरों का उसे नुकसान हो सकता है।

 
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भाजपा में अंदरूनी विरोध की आहट मिलने लगी
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र पांडेय को भेजे गए ई-मेल में महासभा जिलाध्यक्ष संतोष द्विवेदी ने कहा है कि भैरो प्रसाद मिश्रा का टिकट काट दिए जाने से संसदीय क्षेत्र के साढ़े चार लाख ब्राह्मण वोटर दुखी हैं। पुनर्विचार नहीं हुआ तो ब्राह्मण मतदाता अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र होगा। जिससे भाजपा को क्षति पहुंचेगी। पत्र में महासभा की ओर से मांग की गई है कि बांदा या चित्रकूट निवासी किसी ब्राह्मण को प्रत्याशी घोषित किया जाए।
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