उन्नाव जिला योजना समिति की बैठक में पेंशन योजना से जुड़ी पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुरवा विधायक अनिल सिंह के समर्थक जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्रा पर टूट पड़े। कॉलर पकड़कर घसीटने और हाथापाई की नौबत तक मामला पहुंचतेे ही अफसरों ने मिश्रा को बाहर जाने का इशारा किया।
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रास्ते में भी घेराबंदी होती देख सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने उन्हें सभागार से सटी रसोई में बंद कर सुरक्षित किया। विकास भवन सभागार में मंगलवार शाम चार बजे जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में सांसद साक्षी महाराज, सदर विधायक पंकज गुप्ता, पुरवा विधायक अनिल सिंह के साथ-साथ डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय व अन्य आला अफसर मौजूद थे।
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विधायक अनिल सिंह के सवाल का संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके समर्थकों ने समाज कल्याण अधिकारी को सही लहजे में बात करने की हिदायत दी। उसके बाद जनप्रतिनिधियों की अनसुनी का आरोप लगाते हुए उन्हें घेर लिया। मामला मारपीट और समाज कल्याण अधिकारी को घसीटने की नौबत तक बढ़ा, तब सीडीओ ने उन्हें रसोई में बंद किया और डीएम ने समझाकर समर्थकों को सभागार से बाहर निकाला।
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इस बीच जिला समाज कल्याण अधिकारी के निलंबन की मांग भी उठी। भीड़ छंट जाने के बाद समाज कल्याण अधिकारी को रसोई से बाहर निकाल घर पहुंचवाया गया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में डीएम ने मारपीट की घटना से इन्कार करते हुए कहा कि समाज कल्याण अधिकारी की भूमिका को लेकर कुछ देर शोर-शराबा हुआ था।
लगभग ऐसा ही कथन प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों का भी था। कहा कि समाज कल्याण अधिकारी का जवाब देने का ढंग सही नहीं था, जिस पर उन्हें सभागार से बाहर जाने को कहा गया था। इस दौरान धक्का मुक्की होने लगी। विधायक अनिल सिंह ने कहा कि जो लोग सभागार में घुसकर धक्का-मुक्की कर रहे थे, वे हमारे कार्यकर्ता नहीं थे।