उन्नाव में छोटे भाई के शव के अंतिम संस्कार के लिए परिवार के लोगों ने अपने वकील सत्येंद्र सिंह के माध्यम से न्यायालय में पैरोल की अर्जी दी है। न्यायालय ने विधायक को 72 घंटे की पैरोल मंजूर की है। लखनऊ जेल में बंद छोटे भाई अतुल सेंगर को भी भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल मंजूर हो गई है। परिजनों ने मनोज सेंगर की मौत को गहरा आघात बताया है। परिजनों ने बताया कि उनकी अचानक मौत होना संदेह पैदा कर रहा है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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कुलदीप सिंह सेंगर एवं दुष्कर्म पीड़िता की कार हादसे के बाद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
दो भाईयों के जेल जाने से थी परिवार की जिम्मेदारी
दुष्कर्म के आरोप में विधायक कुलदीप सेंगर और पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में छोटे भाई अतुल सेंगर के जेल जाने के बाद मनोज सेंगर ही परिवार की देखभाल और मुकदमों की पैरवी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जब विधायक को सीतापुर से दिल्ली की तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया वह भी दिल्ली में रहकर पैरोकारी कर रहे थे। बहन व परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली में ही थे। दिवाली पर्व होने के कारण बहन व परिवार के अन्य लोग शुक्रवार को घर आ गए थे। त्योहार में मनोज को भी उन्नाव आना था।
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मीडिया से बात करते कुलदीप सिंह सेंगर (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
रावण के प्रति थी श्रद्धा
पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज सेंगर हमेशा गले में सोने का बना दशानन का लॉकेट पहनते थे। वह रावण की पूजा करते थे और जय लंकेश उनका तकिया कलाम था। युवाओं की मजबूत टीम साथ होने के कारण वह जिले में उनका काफी दबदबा था। गांव की प्रधानी के चुनाव से लेकर भाई की विधायकी और भाभी के जिला पंचायत के चुनावों में वह इसी युवा टीम के सहारे माहौल बनाने में सफल रहते थे।
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विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
सुरक्षा में लगाया गया चार थानाें का फोर्स
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सेंगर की मौत और शव माखी आने की सूचना पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत एसपी एमपी वर्मा ने गांव में माखी थाना के साथ आसीवन, फतेहपुर चौरासी और सफीपुर कोतवाली का फोर्स लगाया गया है। इसके साथ ही तीन निरीक्षक, 20 उपनिरीक्षक, 35 कांस्टेबल, 30 महिला सिपाही और एक प्लाटून पीएसी को लगाया गया है।
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विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के घर पहुंची सीबीआई टीम (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ को देखते हुए एसपी ने फोर्स को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। बताते चले कि दुष्कर्मकांड में गिरफ्तारी के बाद भाई मनोज सेंगर की मौत पर दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व उनके भाई अतुल सेंगर पहली बार पैरोल पर गांव आ रहे हैं। देर शाम तक शव व विधायक के गांव आने को लेकर समर्थक पल-पल की अपडेट लेते रहे।
जुटने लगे समर्थक
विधायक के भाई के देहांत की सूचना मिलते ही समर्थकों का उनके उन्नाव में सिविल लाइंस स्थित आवास और माखी थाना के गांव में जमावड़ा शुरू हो गया। लोगों ने परिवार के लोगों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। सोशल मीडिया पर भी मनोज सेंगर के व्यक्तित्व पर चर्चा और विधायक के पक्ष में पोस्टों की भरमार रही।