देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई के आला अफसरों के लिए आफत साबित हुई मांस कारोबारी मोइन कुरैशी का कानपुर से गहरा संबंध है। मोइन कुरैशी ने 90 के दशक में कानपुर से भैंस के मांस का कारोबार शुरू किया था। एक दशक के भीतर उसने प्रदेश भर में अपने पैर जमा लिए। कारोबारी सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2010 के आसपास यूपी से भैंस के मांस का 60 फीसदी निर्यात अकेले मोइन कुरैशी के पास था।
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मोइन कुरैशी
मोइन कुरैशी मूलत: रामपुर का रहने वाला है। मांस का कारोबार पुश्तैनी है। पिता अब्दुल माजिद भी मांस का काम करते थे, लेकिन इस कारोबार को पहचान मोइन कुरैशी ने ही दिलाई।
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मोइन कुरैशी
यहां छोटा सा बूचड़खाना खोला और धीरे-धीरे अपने कारोबार का विस्तार करता चला गया।
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मोइन कुरैशी
इनमें से एक बूचड़खाना कानपुर में भी था। इसके बाद दुनिया के कई देशों में भैंस के मांस का निर्यात शुरू किया।
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मोइन कुरैशी
देखते ही देखते मोइन कुरैशी 10 सालों में देश के सबसे बड़े मांस व्यापारियों में से एक हो गया।
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मोइन कुरैशी
कारोबार बढ़ने पर इन्होंने कानपुर से अपना काम समेटकर हापुड़, रामपुर, गाजियाबाद में शिफ्ट कर लिया, लेकिन शहर के स्थानीय मांस कारोबारियों से इनका नाता बना रहा।
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मोइन कुरैशी
कारोबारी सूत्र बताते हैं कि यहां के कई छोटे बड़े मांस कारोबारी उनकी ही फर्म को माल पहुंचाते थे। उसकी एएमक्यू एग्रो और एक्सपोर्ट एनिमल गट कंपनी का नाम दुनिया के कई देशों में है।
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डेमो पिक
मांस कारोबार से अकूत दौलत कमाने के बाद उसने कंस्ट्रक्शन और उसकी बेटी पर्निया ने फैशन इंडस्ट्री में कदम रखा।
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मोइन कुरैशी
दोनों ने मिलकर 30 से अधिक कंपनियां खोलीं। बताते हैं कि बेटी पर्निया को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कराने के लिए कुरैशी ने फिल्मों में पानी की तरह पैसा बहाया।