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शर्मनाक: सैफई मेडिकल कॉलेज में छात्रों का मुंडन, एमसीआई ने जारी किया कारण बताओ नोटिस, कही ये बात

Fri, 23 Aug 2019 02:19 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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सैफई मेडिकल कॉलेज में सिर मुंडवा कर कक्षा के लिए जाते जूनियर छात्र - फोटो : अमर उजाला
इटावा के सैफई मेडिकल कॉलेज (मिनी पीजीआई) में रैगिंग के मामले पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने कड़ा रुख दिखाया है। कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे में जवाब मांगा है। साथ ही, रैगिंग की पुष्ट होने की स्थिति में जुर्माने, दोषी सीनियर्स के निलंबन और पाठ्यक्रमों के संचालन पर रोक की हिदायत भी दी है।

 
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सीनियर स्टूडेंट के सामने से सिर झुकाकर निकलते जूनियर छात्र - फोटो : अमर उजाला
एमसीआई के जनरल सेक्रेट्री डॉ. आरके वत्स की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि रैगिंग के नाम पर 150 छात्रों का मुंडन बेहद शर्मनाक है। क्यों ना एक लाख रुपये प्रति छात्र के हिसाब से जुर्माना वसूला जाए। यह धनराशि संस्थान के आर्थिक कोष से ली जाए।

 
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छात्रों को सीनियर स्टूटडेंट के आगे ऐसे झुककर चलना होता है - फोटो : अमर उजाला
नोटिस में यह भी कहा गया कि क्यों न अंडर सेक्शन 10 के तहत एक साल के लिए सभी पाठ्यक्रमों पर रोक लगा दी जाए। सभी सीनियर छात्रों को क्यों न एक महीने के लिए निलंबित कर दिया जाए। एमसीआई के सख्त तेवर देख कुलपति डॉ. राजकुमार ने प्रोवीसी डॉ. रमाकांत यादव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट भेजी है।

 

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सिर मुंडवाए हुए छात्र - फोटो : अमर उजाला
एमसीआई को भेजी रिपोर्ट में रैगिंग से इन्कार करते हुए छात्रों के स्वेच्छा से सिर मुंडवाने की बात कही गई है। इस बाबत पूछने पर सैफई मेडिकल कॉलेज के पीआरओ अनिल पांडेय ने बताया कि जांच में रैगिंग नहीं पाई गई। सभी छात्रों ने स्वेच्छा से अपने सिर मुंडवाए हैं।

 
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सिर मुंडवा कर लाइन से खड़े हुए छात्र - फोटो : अमर उजाला
एक दिन पहले डीएम जेबी सिंह की ओर से कराई गई जांच में कैंपस के भीतर किसी छात्र ने रैगिंग की सीधी शिकायत नहीं की थी लेकिन प्रशासनिक जांच टीम ने रैगिंग होना मानते हुए रिपोर्ट दी है। डीएम की ओर से शासन को इस आशय की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। माना जा रहा है कि सीनियर्स के डर और भविष्य के दवाब में छात्र रैगिंग की सीधी शिकायत करने से बच रहे हैं।
 
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