बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में एक बड़ा एलान किया है। बसपा सुप्रीमों ने अपने भाई आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कॉर्डिनेटर बनाने की घोषणा की है। मायावती द्वारा किया गया ये एक बड़ा फैसला है। उनके इस फैसले के तार आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़े जा रहे हैं। सियासी गलियारे में एक बार फिर से परिवारवाद पर बहस छिड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। मायावती अक्सर खुद को परिवारवाद से दूर बताती रही हैं।
आगे की स्लाइड में- कन्नौज और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में कुछ इस तरह नजर आए थे आकाश आनंद
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बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : एएनआई
आकाश मायावती के भाई आनंद के बेटे हैं। उन्होंने लंदन से एमबीए की पढ़ाई की है। 2019 के लोकसभा चुनाव में आकाश बसपा सुप्रीमों के साथ मंच साझा करते दिखे हैं। कन्नौज और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में हुई गठबंधन की रैली में आकाश ने मायावती के साथ मंच साझा किया था। इस दौरान पार्टी के कद्दावर नेता सतीश चंद्र मिश्रा आकाश को राजनीति की बारीकियां बताते दिखे थे।
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बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : अमर उजाला
मायावती के इस फैसले के संकेत तो 2017 से ही मिलने शुरू हो गए थे। 2019 की चुनावी सरगर्मी शुरू होते ही आकाश बसपा सुप्रीमो के कदम से कदम मिलाते दिखे। इससे ही कयास लगाए जा रहे थे कि आने वाले दिनों में आकाश को पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती
लोकसभा चुनाव में एक जनसभा के दौरान आकाश ने कहा कि मेरी बुआ जी की अपील पर इतनी बड़ी संख्या में आप लोग आए, इसके लिए हम लोग आप सभी के आभारी हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं आपके सामने पहली बार आया हूं।
आकाश को सक्रिय राजनीति में लाने की एक अहम वजह युवा और नए वोटरों तक पार्टी की पैठ बनाना है। बसपा जिस तरह से सोशल मीडिया में सक्रिय हुई है, उसके पीछे भी आकाश के योगदान के चर्चे सियासी गिलियारे में होते रहे हैं।