छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में शहीद हुए शशिकांत तिवारी की पत्नी अनीता तिवारी ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह परिजनों को खुद सांत्वना नहीं देंगे तब तक उनके पति का अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को बुलाने के लिए मांग पत्र भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा।
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शहीद की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
शहर के कब्बाखेड़ा निवासी शशिंकात तिवारी सोमवार शाम दंतेवाड़ा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईडी विस्फोट का शिकार हो गए थे। सोमवार रात परिजनों को सीआरपीएफ के अधिकारियों ने शशिकांत की शहादत की खबर परिजनों को दी थी। मंगलवार सुबह परिजनों ने प्रशासन पर उपेक्षा करने का आरोप लगा हंगामा खड़ा कर दिया था।
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शहीद के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच पत्नी अनीता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को बुलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि बिना मुख्यमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री के आए वह पति का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगी। अनीता की मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी लेकिन समय पर मेडिकल टीम घर नहीं पहुंची। ऐसे में परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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शहीद शशिकांत तिवारी की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
मामला जानकारी में आते ही सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने डा. आरिफ व फार्मासिस्ट अशोक सिंह को शहीद के घर भेजा। डा. आरिफ ने अनीता के ब्लड प्रेशर की जांच की। साथ ही जरूरी दवाएं दी। मंगलवार शाम तक मेडिकल टीम शहीद शशिकांत तिवारी के घर के बाहर डेरा डाले रही। शहीद शशिकांत के परिजनों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि सोमवार रात प्रशासनिक अधिकारी अपना चेहरा दिखाकर लौट गए।
मंगलवार को कोई भी अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। परिजनों ने उपेक्षा लगाकर हंगामा शुरू किया तब सिटी मजिस्ट्रेट शहीद शशिकांत के घर पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर नगर पालिका के कर्मचारियों ने घर के आसपास चूना छिड़कवाया। लोगों के बैठने के लिए कुर्सियाें की व्यवस्था की गई। प्रशासन के निर्देश पर शहीद के घर के आसपास टेंट व पीने के पानी का इंतजाम किया गया।