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भाई का पार्थिव शरीर देख फफक कर रो पड़ी बहन, बोली भईया मेरी शादी कराए बिन ही चले गए, तो नम हुई हर आंख

Thu, 06 Jun 2019 04:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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भाई के पार्थिव शरीर पर फूल माला रखती बहन कंचन - फोटो : अमर उजाला
असम में झील में डूबकर कानपुर निवासी मृत वायु सैनिक गौरव का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा था। गौरव के पिता कामता गुप्ता चाट -बताशे का ठेला लगाकर परिवार पालते रहे। गौरव बड़ा हुआ तो पढ़ाई के साथ - साथ पिता के काम में हाथ बंटाने लगा। गौरव बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा पास कर चुका था।

 
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घर पहुंचा वायुसैनिक का पार्थिव शरीर तो उमड़ पड़ा लोगों का हुजूम - फोटो : अमर उजाला
फिर 2010 में वायु सेना में नौकरी लग गई। इसके बाद उसने पिता का ठेला बंद करवाकर घर पर (देहली सुजानपुर कालोनी) में परचून की दुकान खुलवा दी। छोटे भाई दिव्यांशु उर्फ श्यामजी को नौकरी की तैयारी के लिए किदवई नगर में कोचिंग करवा रहा था। बड़ी बहन कंचन को बीएड करवा कर आत्मनिर्भर बनाना चाहता था।

 
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माता पिता और भाई बहन के साथ गौरव - फोटो : अमर उजाला
बहन की धूमधाम से शादी करने की तमन्ना थी। असम में वायु सेना में तैनात गौरव गुप्ता (27) रविवार को अपने दो दोस्तों के साथ असम से करीब 70 किलोमीटर दूर झील पर नहाने गए थे। इस दौरान उनका पैर फिसल गया। झील में डूबने से उनकी मौत हो गई। करीब दो घंटे की तलाश के बाद उनका शव झील से बाहर निकाला गया।

 

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गौरव के माता पिता - फोटो : अमर उजाला
यह परिवार मूल रूप से फतेहपुर बिंदकी का रहने वाला है। पर, वर्षों से देहली सुजानपुर में रहता है। गौरव 4 मार्च को कानपुर से असम गया था। उसे 22 जून को कानपुर लौटना था। तीन साल पहले असम में पोस्टिंग हुई थी। रिश्तेदारों ने बताया कि उसने पहले ही प्रयास में वायुसेना में नौकरी पा ली थी।  

 
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वायु सैनिक गौरव - फोटो : अमर उजाला
माता-पिता ने छोटे बेटे के लिए मांगी नौकरी
वायु सेना के अफसरों से गौरव की मां लता और पिता कामता ने छोटे बेटे दिव्यांशु उर्फ श्यामजी की नौकरी लगवाने की बात कही। परिजनों का ये भी कहना था कि बड़े बेटे की जगह छोटे बेटे को कहीं राज्य सरकार में ही नौकरी मिल जाए। क्योंकि पूरे परिवार को उसकी नौकरी का सहारा था। 
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