जम्मू कश्मीर के बड़गाम में भारतीय वायु सेना का विमान एमआई-17 क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में कानपुर निवासी कारपोरल दीपक पांडेय की जान चली गई। पढ़ें दीपक की फेसबुक वॉल पर लिखे कुछ शेर...
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दीपक ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा था 'कैसे मैं किसी को बोलूं हैप्पी दिवाली, कितने घरों का दीपक बुझ गया, वहां तो हो गई काली दिवाली। आओ सलाम करें जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है, खुशनसीब हैं वो लोग जिनका खून देश के काम आता है।
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उनकी फेसबुक वॉल पर लिखी चंद लाइनों को जब पढ़ा तो आंखों में आंसू भर आए। उन्होंने दिवाली के समय शहीदों की दास्तां को बयां किया था, दीपक ने देश की खातिर शहादत पाना खुशनसीबी बताई थी।
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उसके दोस्तों ने बताया कि अक्सर गाने गुनगुनाता रहता था। उसे शेर-ओ-शायरी भी लिखने का शौक था। वह फेसबुक पर अपने दिल के जज्बातों को लिखा करता था। दीपक ने 19 नवंबर 2018 को आखिरी बार फेसबुक पर एक लाइन का शेर लिखा था। जिंदगी से कोई शिकवा भी नहीं है....।
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इससे पहले भी दीपक ने लिखा था कि बेच दूं क्या तुम्हारी यादों को, मौत है कि अच्छा दाम दे रही है। इसके अलावा दीपक ने लिखा था, किसके लिए जन्नत बनाई है ये खुदा, कौन है यहां जो गुनहगार नहीं है।
इसके बाद दीपक ने लिखा था कि - जिंदगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर, या फिर तू मुझे तराशने की कोशिश में है। 8 जनवरी 2018 को लिखा इंसान भी डस लेता है, जहर डाल के लफ्जों में।