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'मुर्दा' कांपते हुए अधिकारी के पास पहुंचा...बोला- देखिए जिंदा होने के सबूत, एसडीएम चौंक गए

Sun, 06 Jan 2019 09:14 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सोनेलाल - फोटो : अमर उजाला
हुजूर, मैं मरा नहीं जिंदा हूं ... शनिवार दोपहर कानपुर में एसडीएम सदर संजय कुमार के दफ्तर पहुंचा बुजुर्ग (90) ठंड से कंपकंपाते हुए यही रट लगाए था। बुजुर्ग बोला, मेरा नाम सोनेलाल है और ईश्वरीगंज, बिठूर में रहता हूं। कुछ लोगों ने मुझे मृत बताते हुए जमीन हड़पने के लिए वरासत (घर के मुखिया के निधन के बाद जमीन अपने नाम कराने) का मुकदमा दाखिल कर दिया है। ये देखिए मेरा आधार कार्ड, ये पैन कार्ड, ये वोटर आईडी...। इसके बाद हुआ कुछ ऐसा कि एसडीएम चौंक गए।
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सोनेलाल - फोटो : अमर उजाला
एसडीएम ने सोनेलाल को बैठाया और घंटी बजाई। कर्मचारी के आने पर एक कंबल लाने को कहा। उन्होंने सोनेलाल को कंबल उढ़ाया और अर्जी ली। अर्जी पढ़ने के बाद उन्होंने पाली के नायब तहसीलदार के पेशकार को बुलाया।
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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
पेशकार को मुकदमे का नंबर बताते हुए फाइल लाने को कहा। पेशकार ने फाइल लाकर एसडीएम के सामने रखी तो वह चौंक गए।

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सोनेलाल - फोटो : अमर उजाला
ईश्वरीगंज निवासी शिव शंकर पुत्र नत्थाराम ने तीन फरवरी 2018 को अपने को सोनेलाल का दूर का नाती बताते हुए उसकी 2.6 हेक्टेयर जमीन अपने नाम दर्ज कराने के लिए मुकदमा दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि सोनेलाल अविवाहित थे। उनकी मौत हो चुकी है। इसलिए जमीन वरासत में उसके नाम दर्ज की जाए।
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सोनेलाल - फोटो : अमर उजाला
एसडीएम ने सोनेलाल को मुकदमे की बात बताई तो उसने कहा कि वह अविवाहित नहीं है। उसका एक बेटा राम शंकर है। राम शंकर के सात बच्चे हैं। एसडीएम सदर ने बताया कि वरासत का यह मुकदमा खारिज कर दिया गया है। मामले की जांच वह खुद करेंगे। फर्जी कागजातों के सहारे मुकदमा दाखिल करने पर शिव शंकर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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