यूपी के औरैया जिले में दुष्कर्म का आरोप, पुलिस का दबाव और ग्रामीणों की छींटाकशी से तंग आकर अधेड़ ने जहर खाकर जान दे दी। मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट में गांव के आठ लोगों के नाम लिखे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानें क्या है पूरा मामला..
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घटना के बाद घर में बैठी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम चपटा के गौरी पुरवा में रविवार सुबह सत्यनारायन (55) पुत्र दयाराम ने जहर खा लिया। उल्टी होने पर घर वालों को जानकारी हुई। परिजनों ने तत्काल अजीतमल सीएचसी में उसे भर्ती कराया। यहां से उसे सैफई मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। रास्ते में अनंतराम टोल प्लाजा के पास सत्यनारायन ने दम तोड़ दिया।
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मृतक के द्वारा लिखा सुसाइड नोट
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी के पास मिले सुसाइड नोट उसने गांव के ही पप्पू सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह, शिवराम सिंह पुत्र जगदीश, पूरन सिंह पुत्र राजाराम, चंदन, प्रकाश, मंटू पुत्र क्षमानंद, जितेंद्र, और निरंजन ने उसे आत्महत्या के लिए विवश कर दिया। घरवालों ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 जून को सत्यनारायन के खिलाफ गांव की ही एक महिला ने मंदिर में रेप किए जाने का आरोप लगाकर औरैया कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के लगातार दबिश देने और समाज में बदनामी होने के चलते उसने यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी लगने पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
इस पूरी घटना के संबंध में औरैया कोतवाली के इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला का कहना है कि मृतक की पुत्रवधु गीता पत्नी संजू की तहरीर पर जितेंद्र पुत्र निरंजन, निर्भय पुत्र पूरन सिंह, महताब और पूरन पुत्रगण राजाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जहर खाकर आत्महत्या करने वाले सत्यनारायन के गांव में एक बीघा जमीन है। साथ में मजदूरी भी करता था। सत्यनारायन के दो बेटे राजू और संजू हैं जो बिहार में रहकर मजदूरी करते हैं। पत्नी कमलेश देवी ने बताया कि दोनों बेटों को खबर कर दी है। वह अब तक आ नहीं पाए हैं।