- राजधानी, शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में टिकट के साथ खाना न बुक कराने पर भी सुविधा
- राजधानी में शुरू, बाकी ट्रेनों में अगले सप्ताह से मिलने लगेगी सुविधा
अगर आप राजधानी, शताब्दी, दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने के लिए टिकट बुक करा चुके हैं और ट्रेन में खाने-पीने का विकल्प नहीं चुना है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। ट्रेन में ही पैंट्रीकार के वेंडर को 50 रुपये ज्यादा देकर खाना मंगवा सकते हैं। आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन) ने राजधानी एक्सप्रेस में यह सुविधा शुरू कर दी है। शताब्दी में भी इसी सप्ताह यह सेवा लागू हो जाएगी।
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पहले राजधानी, शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में टिकट के साथ ही खाना भी अनिवार्य रूप से बुक कराना होता था। टिकट के साथ ही इसका भी पैसा जमा होता था। हाल में रेलवे ने इस सुविधा को वैकल्पिक कर दिया था, जो खाने-पीने की सुविधा नहीं लेगा, उसके टिकट से उतनी राशि कम कर दी जाएगी। अब नई व्यवस्था यह शुरू की गई है कि यात्री को अचानक ट्रेन में भूख लग जाए तो उसे खाना दिया जाएगा। इसके लिए उससे खाने-पीने के रुपयों के अलावा अतिरिक्त 50 रुपये देने होंगे।
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अतिरिक्त रुपये लेने के पीछे तर्क यह है कि जितने यात्री खाना बुक कराते हैं, उनके हिसाब से ट्रेन में खाना रखवाया जाता है। अब यह सुविधा शुरू होने के बाद अतिरिक्त खाना भी मंगाना होगा। किसी अतिरिक्त यात्री ने खाना नहीं मंगवाया तो वह खराब हो जाएगा।