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महोबा कांड: एसपी के खौफ से होटल मेें रुका था कारोबारी, पूरे परिवार को फंसाने की धमकी से था खौफजदा

Sun, 27 Sep 2020 02:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
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इंद्रकांत त्रिपाठी (मृतक कारोबारी) आईपीएस मणिलाल पाटीदार - फोटो : amar ujala
महोबा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को हर माह छह लाख रुपये देने से मना करने के बाद से क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी और पूर्व एसपी के बीच शुरू हुआ विवाद इंद्रकांत की मौत के बाद और उलझता जा रहा है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि पूर्व एसपी से विवाद के बाद क्रशर कारोबारी कार्रवाई के डर से पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेेश के जनपद छतरपुर चला गया था।

 
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इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
क्रशर मंडी कबरई में काम मंदा पड़ने से क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने इसी साल जुलाई से हर माह दिए जाने वाला छह लाख रुपये तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार को देने से मना कर दिया था, जिससे एसपी नाराज हो गए और फर्जी मुकदमे में इंद्रकांत त्रिपाठी के पूरे परिवार को फंसाने की धमकी दे डाली। इससे क्रशर कारोबारी दहशत में आ गया। इंद्रकांत जिला ही नहीं उत्तर प्रदेश छोड़कर मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर के झंकार होटल में रहने लगा था।

 
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इंद्रकांत हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
सात सितंबर को उसने कबरई आकर एसपी के खिलाफ छह लाख रुपये न देने पर फर्जी मुकदमों में फंसाने और हत्या कराने का वीडियो वायरल कर दिया। वीडियो वायरल के अगले दिन आठ सितंबर को उन्हें गोली लग गई। 13 सितंबर को रिजेंसी कानपुर में उसकी मौत हो गई। 25 सितंबर को एसआईटी ने खुलासा करते हुए इंद्रकांत द्वारा स्वयं गोली मारे जाने की बात कहकर मामला शांत कर दिया। तत्कालीन एसपी और क्रशर कारोबारी के बीच विवाद के चलते जहां पूर्व एसपी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के साथ-साथ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ, वहीं इंद्रकांत त्रिपाठी को जान तक गंवानी पड़ी।

 

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वायरल हो रहा है इंद्रकांत का फेसबुक पोस्ट - फोटो : amar ujala
खुलासे के बाद भी कई सवाल अनसुलझे 
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में आठ दिन तक जांच के बाद एसआईटी ने भले ही मामले का खुलासा कर दिया हो, लेकिन कई अनसुलझे सवाल अभी नहीं सुलझ पाए हैं। एसआईटी ने क्रशर कारोबारी द्वारा स्वयं गोली मारकर आत्महत्या करने की पुष्टि की, लेकिन जान क्यों दी वजह नहीं बता पाई। कारोबारी ने सात सितंबर को पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को गाड़ी में घायलावस्था में मिले थे।

 
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इंद्रकांत त्रिपाठी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
छह दिन बाद कानपुर में उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शासन ने मामले की जांच को एसआईटी गठित की। एसआईटी ने आठ दिन की जांच के बाद मामले का खुलासा कर दिया, लेकिन तमाम सवालों के जवाब अभी भी नहीं मिले हैं। लोगों का कहना है कि सात सितंबर तक जब सब कुछ ठीकठाक था तो वीडियो वायरल करने के बाद ऐसा क्या हुुआ कि इंद्रकांत डिप्रेशन का शिकार हो गए और गोली मार ली। यदि गोली मारने के मामले में पूर्व एसपी व एसओ जिम्मेदार हैं तो उन पर अब तक क्या कार्रवाई की गई।
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