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महंत योगी आदित्यनाथ के राज में महंत अर्जुनदास की बेरहमी से हत्या, गोलियों की गूंज से थर्राया रामघाट

Sat, 18 Jan 2020 11:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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घटना के बाद मौके पर फैला खून - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट में रामघाट से लगभग 250 मीटर दूर बालाजी मंदिर के महंत अर्जुनदास की बृहस्पतिवार रात सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक से मंदिर जाते समय हुए हमले में बाइक चला रहा शख्स भी गोली लगने से घायल हो गया। ये हाल तब है जब सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ स्वयं गोरखनाथ मंदिर के महंत है। बालाजी मंदिर चित्रकूट का प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है। इसे औरंगजेब ने बनवाया था। मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया कि बालाजी मंदिर के महंत अर्जुनदास कार से चालक आशीष तिवारी पुत्र बृजेंद्र के साथ बृहस्पतिवार दिन में किसी काम से मुख्यालय आए थे।

 
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महंत अर्जुनदास की गोली मार कर हत्या - फोटो : अमर उजाला
शाम को वापसी के समय अपना चार पहिया वाहन निर्मोही अखाड़े में खड़ा कर दिया। इसके बाद वह बाइक से दो अन्य मंदिरों के महंतों से मिलने गए। रात में बाइक से ही बालाजी मंदिर लौट रहे थे। बाइक महंत का कार चालक आशीष चला रहा था। रात करीब पौने नौ बजे रामघाट के पास रामलीला मैदान के पास दो युवकों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। एक गोली महंत के सिर पर व दूसरी बाइक चला रहे आशीष के हाथ पर लगी। दोनों वहीं गिर पड़े।

 
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घटना की जानकरी देता महंत का शिष्य - फोटो : अमर उजाला
घायल आशीष ने बताया कि इसके बाद दोनों हमलावर आगे बढे़ और एक और गोली महंत के कनपटी के पास मारी। फिर हवाई फायरिंग करते हुए श्मशान घाट मार्ग की ओर भाग निकले। चित्रकूट में सरेराह गोलियों की गूंज से इलाका थर्रा उठा। हिम्मत करके कुछ लोग गोली की आवाज की दिशा में पहुंचे तो महंत को लहूलुहान और बेसुध पाया। पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया।

 

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घायल ड्राइवर से पूछताछ करते एसपी - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर ने देखते ही महंत को मृत घोषित कर दिया। महंत की सरेराह हत्या की सूचना पर डीएम शेषमणि पांडेय व एसपी अंकित मित्तल पुलिस बल के साथ पहले अस्पताल और फिर मंदिर पहुंचे। जिले की नाकेबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कराई गई। देर रात तक कोई हाथ नहीं आया। घायल आशीष के मुताबिक दोनों हमलावर युवा थे। काली जैकेट व टोपी लगाए थे। मौके से पैदल भागे लेकिन कुछ देर में ही बाइक की आवाज आने से लगता है कि भागने के लिए बाइक की व्यवस्था कुछ दूरी पर की हुई थी।

 
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अस्पताल में मौजूद घायल ड्राइवर के परिजन - फोटो : अमर उजाला
डीएम-एसपी ने मौका मुआयने के बाद हत्यारों तक पहुंचने के लिए दो टीमें गठित की हैं। बालाजी मंदिर के महंत पद और इससे जुड़े संस्कृत विद्यालय को लेकर महंत अर्जुन दास का एक पक्ष से विवाद चल रहा है। फिलहाल पुलिस की निगाह उस विवाद पर है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। पुराने विवाद जांच और खुलासे की अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। महंत की हत्या की जानकारी पर धर्मनगरी के तमाम साधु संत भी अस्पताल व बालाजी मंदिर के पास जुट गए। आक्रोश की संभावना देख धर्म स्थलों पर शहर के प्रमुख इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई। 
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