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‘मेक इन इंडिया’ पर भारी ‘मेड इन चाइना’, कुम्हारों की रोजी रोटी पर भी ड्रेगन का प्रहार

Thu, 12 Oct 2017 08:36 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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ड्रेगन लाइटों की रोशनी से टिमटिमाएगा जिला
भारतीय उत्पादों को अपने देश में ही बढ़ावा देने के लिए भले ही मेक इन इंडिया का संदेश गांवों तक पहुंचाने की कवायद हो रही हो लेकिन दीवाली पर चीन की ड्रेगन लाइटें अपना जलबा बिखेर रहीं है। 
दीवाली के त्योहार उल्लास और उत्साह की रोशनी में नहाने को तैयार है। घरों को प्रकाश से जगमगाने को इलेक्ट्रानिक झालरें उपलब्ध हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए उन्हें दुकानों के बाहर सजाया गया है। एलईडी वाली चाइना मेड झालरें बाजार में छा गई है।  
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एक जिले में चाइना का तीन करोड़ कारोबार का लक्ष्य
डिस्को लाइट व फूल के नाम से बिकने वाले चाइना उत्पाद लोगों को ज्यादा अपनी और आकर्षित करने लगे हैं। शहर में 10 थोक दुकानों पर अब तक तीन करोड़ से अधिक का चाइना माल उपलब्ध है जिनकी 25 प्रतिशत से अधिक की कस्बों में बिक्री भी हो चुकी है। दुकानदारों की माने तो वह स्वदेशी आइटम बेंचना चाहतें है लेकिन इसका कोई बेहतर विकल्प उनके पास अब तक नहीं पहुंचा है जो झालरें स्वदेशी 200 रुपये में मिल रही है वही चाइना 35 रुपये में दे रहा है। जिससे लोग चाइना का माल खरीद रहे हैं।
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लेजर लाइटों से लेकर वाटर प्रूफ लाइटें घरेलू व्यवसाय को नुकसान पहुंचा रहीं
क्या कहते हैं विक्रेता
तीन माह पहले बुक कराया था सामान
हरदोई सिनेमा चौराहा स्थित दुकानदार दीपक शर्मा कहते हैं कि यह सामान अभी का नहीं है। तीन माह पूर्व दिल्ली में उन्होंने सामान बुक कराया। जो अब मिल पा रहा है जिसे बेंचा जा रहा है। वह तो फुटकर माल बेंच रहे जो थोक का काम कर रहे है तो वह तो अब तक एक करोड़ का माल कस्बाें में बेंच भी चुके हैं। 
 

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चाइना के सस्ते आइटमों का नहीं दिखाई दिया स्वदेशी विकल्प
रोजाना बढ़ रही बिक्री
चाइना की झालरें जहां 30 से 35 रुपये की बिकने लगीं हैं वहीं देशी झालरें 150 से 200 के ऊपर की मिल रहीं हैं। विक्रेता पुष्पेंद्र बताते हैं कि एक एलईडी बल्ब 250 से ऊपर का आ रहा। ऐसे में ग्राहक कम पैसा खर्च कर अधिक रोशनी का त्योहार मनाना चाहता है।
 
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बिक्री को लगीं झालरें
कुम्हारों की रोजी रोटी पर भी ड्रेगन का प्रहार
एक समय था कि जब दीवाली को दीपों का पर्व कहा जाता था। कुम्हारों की चाक पर बनाए गए दीयों की खूब बिक्री होती थी। लेकिन अब दौर चला गया। यहां तक कि मोमबत्तियों तक को कोई नहीं पूछता। चाइनीज दीप से लोग काम चला रहे है। उनके रोजगार पर असर पड़ा है।
 
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घरों को प्रकाश से जगमगाने को इलेक्ट्रानिक झालरें उपलब्ध
क्रिस्टल व पाइप लाइट आइटमों की भरमार
चाइनीज की मिर्ची झालर को पंसद किया जा रहा है। यह अन्य झालरों की अपेक्षा सस्ती और आकर्षक  है। बाजार में मिर्ची झालर 25 रुपये में तीन से चार मीटर लंबी 25 रुपये में मिलती है। जेल झालर 30 से 150 रुपये तक है। लंबाई के हिसाब से झालरों की कीमतें रखी गई है। इसके अलावा क्रिस्टल, पाइप लाइट, राकेट एलईडी आदि कई उत्पाद बाजार में हैं।
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