कानपुर में बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के अलौलापुर गांव में रविवार देर रात एक दूजे के न हो पाने से दुखी प्रेमी युगल ने बाहों में बाहें डाल रस्सी के सहारे पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने दोनों के शव लटके देख पुलिस व परिजनों को सूचना दी।
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मौके से मिली चप्पल, जूते और दुपट्टा
- फोटो : amar ujala
बताते हैं कि दूरदराज की रिश्तेदारी होने से शादी होने में अड़ंगा पड़ रहा था जिससे दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया। इंसपेक्टर पीएन बाजपेई ने बताया कि क्षेत्र के अलौलापुर गांव में विकास (22) पुत्र ज्ञान सिंह कमल का गांव की ही आरती (19) पुत्री सुरेश कमल से कई माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
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रोते बिलखते मृतक के परिजन
- फोटो : amar ujala
दोनों ने कई बार शादी के लिए परिजनों को मनाने का प्रयास किया पर दूर के रिश्ते में दोनों चाचा-भतीजी लगते थे, इसलिए परिजन शादी को राजी नहीं थे। रविवार देर रात विकास और आरती मोबाइल पर बात कर गांव के मुख्य मार्ग किनारे अनिल की जामुन की बगिया में गए और पेड़ से फांसी पर झूल गए। सुबह पुलिस ने शवों को नीचे उतारकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को घटना स्थल से विकास के जूते, आरती का दुपट्टा और चप्पलें बरामद हुई हैं।
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इसी पेड़ से लटक लगाई थी फांसी
- फोटो : amar ujala
नहीं चाहती थी कि गांव में मजदूरी करे विकास
विकास और आरती के प्रेम प्रसंग की जानकारी लगभग पूरे गांव को थी। कई बार दोनों के परिजनों में पंचायत भी हुई, पर आरती ने शादी से मना कर दिया था। विकास की मां रेखा और छोटे भाई आकाश व अन्य परिजनों ने कहा कि हम लोग राजी थे, लेकिन पंचायत में बिटेवा (आरती) ने ही मना कर दिया।
विकास खेतों में मेहनत-मजदूरी करता था। आरती ने हाईस्कूल पास न कर पाने के कारण कॉलेज जाना बंद कर दिया था। आरती नहीं चाहती थी कि विकास गांव में मजदूरी करे। उसने कई बार उससे बाहर जाकर नौकरी करने को कहा पर विकास गांव छोड़कर नहीं गया।