कानपुर के भीतरगांव में ‘अजब-प्रेम की गजब कहानी’ देखने को मिल रही है। यहां एक बंदरिया बिल्ली के बच्चे को अपना दूध पिलाकर उसके साथ दुलार करते हुए नजर आ रही है।
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तस्वीरों में देखें ‘अजब-प्रेम की गजब कहानी’
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बिल्ली के बच्चे को दुलारती बंदरिया
- फोटो : अमर उजाला
ये बंदरिया बिल्ली के बच्चे को सीने से चिपकाए घूमती है, उसको दुलराती है और भूख लगने पर अपना दूध भी पिलाती है। बौहार गांव के रंजीत उत्तम के मकान की छत पर कुछ दिन पहले बिल्ली ने दो बच्चों को जन्म दिया था। अगले दिन एक बच्चा मां से बिछड़ गया।
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अपने पास से एक पल भी बच्चे को नहीं होने देती ओझल
- फोटो : अमर उजाला
अपने पास से ये बंदरिया एक पल के लिए भी बिल्ली के बच्चे को अपनी नजरों से ओझल नहीं होने देती है। बिल्ली का बच्चा बंदरिया से घुलमिल गया। हालात यह हैं कि बच्चा बिना बंदरिया के कहीं नहीं जाता।
बिल्ली के बच्चे को अपना दूध भी पिलाती है ये बंदरिया
- फोटो : अमर उजाला
दिनेश वर्मा, जयप्रकाश उत्तम, इंद्रपाल सोनकर, मनीष और कमलेश कुमार आदि ने बताया कि यदि कोई भी बिल्ली के बच्चे के पास जाने की कोशिश करता है तो बंदरिया उसे दौड़ा लेती है। दो दिन पहले रंजीत उत्तम की पत्नी फूला देवी को बंदरिया ने दांतों से काट लिया। बिल्ली के बच्चे पर बंदरिया की ममता के चर्चे आसपास के गांवों तक फैली है। वन क्षेत्राधिकारी अतुल कांत शुक्ला ने बताया कि आदमी से अधिक पशु संवेदनशील होते हैं। गाय, बकरी, कुतिया, बंदरिया और मादा लंगूर द्वारा किसी अन्य पशु के बच्चों को प्यार-दुलार देने और अपना दूध पिलाने की घटनाएं अक्सर सुनने में आती हैं।