फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन: घर पहुंचने की चाह में जान हथेली पर रख कर रहे सफर, कोई 100 तो कोई हजार किमी पैदल चला

Sun, 29 Mar 2020 12:09 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
जान हथेली पर रख कर रहे कई सौ किमी का सफर - फोटो : amar ujala
कोराना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के बाद हड़कंप मचा हुआ है। सभी को अपने अपने घरों को जाना है। घर जाने के लिए साधन नहीं मिल रहे हैं तो लोग पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर के किसी भी हालत में घर पहुंचना चाहते हैं। अमर उजाला ने इस दौरान कई ऐसे लोगों से बातचीत की जाे सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आए हैं।

 
विज्ञापन

2 of 5
झारखंड जाने के लिए निकले मजदूर - फोटो : amar ujala
लखनऊ से 8 घंटे में पैदल पहुंचे घर
कानपुर के अर्मापुर निवासी राजेंद्र कुमार, अमन, चमन व प्रिंस लखनऊ में पेंटर का काम करते हैं। ये 17 फरवरी को गए थे। पिछले चार दिनों से काम बंद होने पर शुक्रवार को ठेकेदार ने खाना-पीना देने से मना कर दिया। शनिवार सुबह 4:00 बजे पैदल घर के लिए चल दिए और 12:00 बजे अपने घर पहुंच गए।

 
विज्ञापन

3 of 5
गाजियाबाद से मऊ जिले के लिए पैदल जाते हुए मजदूर शनिवार को नारामऊ के पास पहुंचे - फोटो : amar ujala
गुड़गांव से चले हैं पुलिस परेशान कर रही है
उन्नाव निवासी संदीप कुमार, धीरज कुमार, रायबरेली निवासी सौरभ यादव व शिवम कुमार गुड़गांव की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में हेल्पर हैं। नौबस्ता हाईवे पर संदीप ने बताया कि गुरुवार को चारों लोग घर के लिए निकले थे। रास्ते में जगह-जगह रोककर पुलिस परेशान कर रही है। रायबरेली के सौरभ ने बताया कि पुलिस ने हम लोगों की कोई मदद नहीं की।

 

4 of 5
दिल्ली से बिहार जाने के लिए रिक्शे पर निकले - फोटो : amar ujala
दिल्ली से फैजाबाद पैदल जा रहे मजदूर
दिल्ली से फैजाबाद पैदल जा रहे छह मजदूरों ने शनिवार को कल्याणपुर क्रॉसिंग के पास बताया कि ठेकेदार के हाथ खड़े करने के बाद 26 मार्च की शाम को दिल्ली से रवाना हुए हैं। मजदूरी नहीं मिली तो जेब में पैसा भी नहीं है। रास्ते में कई बार पुलिस ने पूछा लेकिन कोई मदद नहीं की। रास्ते में कुछ लोगों ने खाना खिलाया। 20 वर्षीय मजदूर अर्जुन ने बताया कि दिल्ली और नोएडा में मजदूरी करते हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
यह सब लोग पैदल चित्रकूट जा रहे हैं - फोटो : amar ujala
फैजाबाद के तारूल गांव के रहने वाले हैं। संजय ने बताया कि दिल्ली में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन की वजह से ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। हम सब दिल्ली से पैदल फैजाबाद जा रहे हैं। लवकुश ने बताया कि 26 मार्च की शाम को दिल्ली से पैदल रवाना हुए थे। कई जगह रुकते हुए कानपुर तक पहुंचे हैं। थकान बहुत है, लेकिन घर पहुंच कर ही आराम करूंगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें