महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आई श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 1552 प्रवासी रविवार सुबह इटावा स्टेशन पहुंचे। इन सभी को बसों से नुमाइश पंडाल ले जाया गया, वहां भोजन पानी देकर बसों से ही उनके जिलों व राज्यों की सीमा के लिए रवाना कर दिया गया।
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थर्मल स्कैनिंग के लिए लाइन में लगे प्रवासी श्रमिक
- फोटो : amar ujala
जिले के 18 प्रवासियों को विचारपुरा के ब्रजगोपाल महाविद्यालय ले जाया गया, वहां से होम क्वारंटीन की सलाह देकर बसों से घर भेज दिया गया। 01837 श्रमिक स्पेशल ट्रेन 21 मई को प्रवासियों को लेकर कोल्हापुर से चली थी। ट्रेन को शनिवार शाम 6 बजे इटावा स्टेशन पहुंचना था, लेकिन ट्रेन 14 घंटे 30 मिनट देरी से पहुंची। ट्रेन रविवार सुबह 8:30 बजे इटावा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकी।
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श्रमिकों को लेकर पहुंची ट्रेन
- फोटो : amar ujala
24 डिब्बों की ट्रेन में 1552 प्रवासी थे। करीब 8:45 बजे प्रवासियों को एक-एक बोगी कर ट्रेन से उतारना शुरू किया गया और करीब 11:30 बजे तक प्रवासी ट्रेन से उतारे गए। स्टेशन पर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कर 52 बसों से नुमाइश पंडाल भेजा गया। प्रवासियों में 18 इटावा जिले के रहे, उन्हें विचारपुरा के ब्रजगोपाल महाविद्यालय ले जाकर भोजन पानी दिया गया।
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सभी को दिया गया भोजन
- फोटो : amar ujala
इसके बाद उन्हें होमक्वारंटीन की सलाह देकर घर भेज दिया गया। डिप्टी सीएमओ डा वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घरों में टीम भेजकर सभी के सैंपल लिए जाएंगे। एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया कि दूसरे जिलों व झारखंड के प्रवासियों को नुमाइश पंडाल में भोजन, पानी व उनके बच्चों को दूध दिया गया। शाम तक सभी प्रवासियों को बसों से उनके गृह जनपद और झारखंड के प्रवासियों को उनके प्रदेश की सीमा तक भेज दिया गया।
पैदल, लोडिंग वाहनों से उतार 248 प्रवासी बसों से भेजे गए
- फोटो : amar ujala
दूसरे शहरों और प्रदेशों से पैदल और मालवाहक वाहनों से आने वाले 243 प्रवासियों को जिले की सीमा पर रोककर बसों से नुमाइश पंडाल लाया गया। एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया कि इन प्रवासियों को भोजन, पानी व उनके बच्चों को भी दूध उपलब्ध कराया गया। इसके बाद बसों से उन्हें उनके जिलों के लिए रवाना कर दिया गया। इटावा डिपो के एआरएम राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि श्रमिकों को नके जनपदों में भेजने के लिए रोडवेज की 52 बसों को लगाया है।