जम्मू कश्मीर के बड़गाम में भारतीय वायु सेना के विमान एमआई-17 क्रैश में कानपुर के लाल कारपोरल दीपक पांडेय की अंतिम यात्रा शुक्रवार को जब कानपुर की सड़कों पर निकली तो आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा। दीपक के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने के लिए लोगों की दीवानगी देखते ही बन रही थी।
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कोई दीपक को छूना चाहता था तो कोई अपने साथ लाए गए फूल दीपक पर चढ़ाना चाहता था। हर हाथ दीपक को सालामी देने के लिए खुद ब खुद हवा में उठ रहा था। दीपक को देखने के लिए लाखाें की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।
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भीड़ की वजह से यात्रा बहुत धीमे धीमे चल रही थी। जैसे ही यात्रा मंगला विहार पहुंची मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दीपक के पार्थिव शरीर पर फूलाें की बारिश कर दी। दीपक पांडेय अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा दीपक तेरा नाम रहेगा के नारे गूंज रहे थे।
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लोगों में पाकिस्तान के लिए जितना गुस्सा था उससे कई ज्यादा प्यार दीपक के लिए नजर आया। दीपक को देखने के लिए सुबह से ही उनके घर के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। रात में भी दीपक के अंतिम दर्शन के लिए लोग आते रहे।
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जम्मू कश्मीर के बड़गाम में बुधवार को भारतीय वायु सेना का विमान एमआई-17 क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में कानपुर निवासी कारपोरल दीपक पांडेय की जान चली गई थी। यह खबर मिलते ही कानपुर में मातम का माहौल छा गया।
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इस हादसे में जान गंवाने वाले दीपक पांडेय के परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने दीपक पांडेय के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया था। आपको बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले कारपोरल दीपक पांडेय कानपुर के चकेरी के मंगला विहार में रहते थे।
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उनके पिता राम प्रकाश पांडेय ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे श्रीनगर एयरबेस से फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि प्लेन क्रैश में उनके बेटे दीपक पांडेय की जान चली गई है। इस खबर को सुनते ही कोहराम मच गया था।
परिजनों ने बताया कि दीपक पांच साल पहले ही वायु सेना में शामिल हुए थे। उनकी तैनाती श्रीनगर एयरबेस में थी। जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत, कैबिनेट मंत्री ने घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी थी।