पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर और सहआरोपी शशि सिंह की कस्टडी रिमांड पूरी होने पर सीबीआई की आठ सदस्यीय टीम ने दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को उन्नाव जेल पहुंचाया। सीबीआई ने जेल में बैरक का जायजा भी लिया।
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जेल के बाहर खड़ीं सीबीआई की गाड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
विधायक को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। विधायक और सह-आरोपी को जेल में दाखिल करने के बाद सीबीआई की एक चार सदस्यीय टीम माखी पुलिस थाने पहुंची। 3 अप्रैल को किशोरी के पिता (अब मृतक) पर मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने वाले वादी के लापता होने के आरोपों की जांच करने के साथ ही उसके छोटे भाई से पांच दिन पहले फोन पर हुई बातचीत के बारे में जानकारी ली। टीम इस दौरान दबाव बनाने के लिए किशोरी के चाचा व पिता के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमों व तहरीर की फोटो कॉपी भी साथ ले गई है।
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जेल परिसर में तैनात पीएसी बल
- फोटो : अमर उजाला
बहुचर्चित पाक्सो एक्ट के आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर व सहआरोपी महिला शशि सिंह को लेकर सीबीआई शुक्रवार सुबह 10:30 बजे उन्नाव जेल पहुंची। सीबीआई टीम ने जेल अधिकारियों से मिलकर दोनों आरोपियों की बैरक का मुआयना किया। 11:02 बजे दोनों को जेल में शिफ्ट किया। विधायक को जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।
सहआरोपी शशि को महिला बैरक में रखा गया है। विधायक के जेल में पहुंचने के बाद से सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस के साथ ही पीएसी की भी तैनाती की गई है। भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर उन्हीं के गांव की एक किशोरी से दुष्कर्म और उनके भाई पर किशोरी के पिता की हत्या आरोप है।
जांच कर रही सीबीआई तफ्तीश और साक्ष्य संकलन करने के लिए विधायक को दो बार सात-सात दिनों की कस्टडी रिमांड पर ले चुकी है। सीबीआई पीड़िता का मेडिकल व 164 के बयान लखनऊ में दर्ज करा चुकी है। शुक्रवार को विधायक और सह आरोपी की कस्टडी रिमांड का अंतिम दिन था।
विधायक के जेल में दाखिले के दौरान दूर रोके गए अन्य बंदियों के मुलाकाती
- फोटो : अमर उजाला
विधायक और सह-आरोपी महिला को जेल पहुंचाने के बाद सीबीआई की चार सदस्यीय टीम दोपहर 12 बजे माखी थाने पहुंची। थाने में गाड़ी खड़ी करने के बाद सीबीआई के दो अधिकारी बाइक से गांव के भीतर विधायक और किशोरी के घर के आसपास जायजा लेने के साथ ही कुछ लोगों से बात कर थाने लौट आए। करीब 15 मिनट बाद पूटी टीम चार पहिया वाहन से गांव गई। टीम किशोरी के पिता पर 3 अप्रैल को दर्ज कराए गए मारपीट व आर्म्स एक्ट के मुकदमे के वादी (किशोरी के चचेरे भाई) टिंकू सिंह के घर पहुंची।
सीबीआई टीम घर में मिले टिंकू के भाई भूपेंद्र को अपने साथ लेकर थाने पहुंची। पांच दिन पहले फोन पर हुई बातचीत की सिलसिलेवार जानकारी लेने के बाद उसे जाने दिया। इसके बाद किशोरी के चाचा के आरोपों को देखते हुए सुलह का दबाव न मानने पर किशोरी के चाचा व पिता पर दर्ज कराए गए मुकदमों और तहरीर की कॉपी लेने के बाद सीबीआई लखनऊ लौट गई।