चित्रकूट में डाकू बबुली कोल गैंग का दबोचा गया हार्डकोर सदस्य एक लाख का इनामी डाकू संजय कोल ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि 15 सितंबर की रात सरगना बबुली व लवलेश को सोते समय उसी की राइफल से गोली मार दी थी। इस काम में गैंग के बचे सदस्य सोहन, छोटा व लाले का भी बराबर का सहयोग था।
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डकैत बबुली कोल और लवलेश कोल
- फोटो : अमर उजाला
यहां तक कहा कि मुठभेड़ दिखाने वाली मप्र पुलिस टीम ने डाक ूओं के मरने के बाद उनके कमर में कारतूस का पट्टा व दूसरे कपडे़ पहनाए गए हैं। मंगलवार मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय से बाहर निकलते समय डाकू संजय कोल ने अपने बयानों से कई बार सनसनी फैलाई। पहले तो बोलने से कतराता रहा बार-बार पुलिसकर्मियों की ओर देख रहा था।
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यूपी एमपी में आतंक का दूसरा नाम डाकू बबुली कोल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उनका ईशारा मिलने पर उसने बेखौफी से कहा कि हम सबने (संजय, सोहन, छोटा व लाले) मिलकर ही गैंग के सरगना बबुली व लवलेश को सोते समय उन्हीं की राइफल से उड़ा दिया फिर असलहे लेकर भाग गए थे। डाकू संजय ने बताया कि वह सब गैंग में रहने के दौरान गांव घर नहीं जा पाते थे भूखे प्यासे रह जाते थे और हर समय पुलिस का खतरा बना रहता था।
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डाकू बबुली और लवलेश कोल को मारने का दावा करने वाल टीम
- फोटो : अमर उजाला
जिससे सबने योजना बनाकर 15 सितंबर की रात यह काम किया। सवाल पर कहा कि वह सब मारने के बाद अलग-अलग स्थान पर चले गए थे। कोई पुलिस के पास नहीं गया था और न ही पुलिस के कहने पर यह किया है। (इस दौरान भी डाकू संजय बार-बार पुलिसकर्मियों की ओर देखकर ही बोलता रहा)। एसपी कार्यालय के बाहर आने पर डाकू संजय कोल ने कहा कि मप्र पुलिस फर्जी मुठभेड़ दिखा रही है।
वह सब जानते थे कि पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकती थी। बबुली व लवलेश के मारे जाने के बाद मप्र पुलिस टीम के सदस्यों ने फर्जी मुठभेड़ दिखाने के लिए दोनों को दूसरे कपड़े पहनाए और उनकी कमर में कारतूस की पेटी बांधी थी। इस मामले में एसपी मनोज कुमार झा ने कहा कि उन्हें डाकू के बयान से मतलब नहीं है लेकिन यह डाकू बबुली कोल गैंग का हार्डकोर सदस्य था। इस पर एक लाख का इनाम था। इसकी जांच मप्र में हो रही है। इसके पकड़े जाने के बाद बबुली कोल गैंग का अब सिर्फ एक सदस्य छोटा भइया बचा है। यह गैंग पूरी तरह खत्म हो चुका है।