टॉक बैक मशीन में एक बटन लगा होता है। उसके बगल में स्पीकर।
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यात्री जब बटन दबाता है तो इसकी घंटी कैंट साइड बने केंद्रीय पूछताछ केंद्र में जाती है।
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यहां से बैठे रेलवे का कर्मी यात्री को ट्रेन के संचालन से संबंधित जानकारी देता है, जो मशीन में लगे स्पीकर से सुनाई देती है।
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यूपी के कानपुर सेंट्रल पर आने वाले यात्रियों को बटन दबाते ही ट्रेन की सही जानकारी मिल जाए इस मंशा से 2014 को रेलवे ने हर प्लेटफार्म पर टॉक बैक मशीन लगवाई थी। यात्री मशीन का बटन दबाता और कॉल पूछताछ केंद्र पर पहुंच जाती। उद्घाटन के दिन तो ऐसा ही हुआ लेकिन फिर सारी मशीनों की बोलती बंद हो गई। कारण बताया गया कि केंद्रीय पूछताछ केंद्र में स्टाफ की कमी है।
सूत्रों के अनुसार टॉक बैक मशीन का जब कानपुर सेंट्रल पर उद्घाटन हुआ था तब यहां की कॉल पूछताछ केंद्रों पर उठाई जाती थी, लेकिन धीरे-धीरे वहां से फोन उठना बंद हो गया। जब कारण पूछा गया तो स्टाफ की कमी का हवाला दिया गया।
यहां-यहां लगी हैं
टॉक बैक मशीन कानपुर सेंट्रल के प्लेटफार्म नंबर एक पर तीन, दो-तीन पर दो, चार-पांच पर दो, छह सात पर दो, आठ-नौ पर दो और सिटी साइड टिकट घर में एक मशीन लगी है।