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मकर संक्रांति: उदयातिथि में स्नान और इन चीजों का दान बदलेगा भाग्य, ग्रहों की पीड़ा से मिलेगी मुक्ति

Mon, 14 Jan 2019 12:32 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, दान और हरि गुणगान का विशेष महत्व होता है। इस बार इस पर्व को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। विद्वानों का कहना है कि 14 जनवरी की शाम 7:53 बजे सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि हिंदू सनातन संस्कृति में उदया तिथि के त्योहारों को ही मनाने की परंपरा रही है।
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ऐसे में 15 जनवरी को उदया तिथि में स्नान, दान और प्रभु का गुणगान लाभकारी रहेगा। इस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक मकर संक्रांति रहेगी। हालांकि मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी की दोनों ही तिथियों में मान्य बताया जा रहा है।
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पंडित केए दुबे पद्मेश का कहना है कि 14 जनवरी की शाम 7:53 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ खरमास खत्म हो जाएंगे और मांगलिक कार्यक्रमों की शुरूआत हो जाएगी। उदया तिथि के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो उत्तरायण हो जाते हैं।

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इसी के साथ ही शिशिर ऋतु शुरू हो जाती है। पंडित विधुशेखर पांडेय का कहना है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही मकर संक्रांति शुरू हो जाती है। कुंभ में शाही स्नान 14 जनवरी को है। इस लिहाज से मकर संक्रांति 14 व 15 जनवरी को मनाई जाएगी।
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स्नान और दान का महत्व
मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान पुण्य का बड़ा महत्व है। हालांकि इस बार सरसैया घाट में श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के लिए उस पार जाना होगा। कारण है कि घाट पर अभी साफ पानी नहीं है।
इस कारण घाट पर स्नान संभव नहीं है।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि प्रयागराज में कुंभ को ध्यान में रखते हुए नरौरा से पांच दिन पहले पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा गया है। संभावना है कि 14 जनवरी की सुबह तक पानी कानपुर आ जाए। उधर, घाट के नाविकों ने नावें तैयार कर ली हैं। गंगा उस पार जाने और आने के लिए 10 रुपये लेंगे। व्यक्तिगत नाव के लिए 100 रुपये लगेंगे।
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यह दान शुभ 
मकर संक्रांति पर काली उदड़, काले तिल, चावल के अलावा सामर्थ्य के अनुसार ऊनी वस्त्र का दान शुभप्रद रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इनकी व्यवस्था नहीं कर सकता है तो किसी एक व्यक्ति को भोजन करा दें।  

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माघ मास में स्नान फलदायी 
कुंभ न जा पाने वाले लोग माघ मास में किसी पवित्र सरोवर या नदी में स्नान कर पुण्य अर्जित कर सकते हैं। गंगा स्नान और दान से उन्हें विशेष फल की प्राप्ति होगी। 
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कुंभ में कब-कब पड़ेंगे शाही स्नान 
14-15 जनवरी- मकर संक्रांति (पहला शाही स्नान)
21 जनवरी- पौष पूर्णिमा
31 जनवरी: एकादशी स्नान
04 फरवरी: मौनी अमावस्या (दूसरा शाही स्नान)
10 फरवरी: बसंत पंचमी (तीसरा शाही स्नान)
19 फरवरी: माघी पूर्णिमा
04 मार्च: महाशिवरात्रि
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