सुभाष चंद्र बोस की जयंती
नवंबर 1945 में INA सैन्य कमांडरों पर दिल्ली में मुकदमा और नेता जी की संभावित मृत्यु से पूरा देश उबल रहा था ; कानपुर भी अछूता नहीं रहा। अनेकों हड़ताल और शोक सभाएं हुई जिन्हें आयोजित करने में मौलाना हसरत मोहानी , डॉ मुरारी लाल , बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' आदि प्रमुख़ थे। गोबिंद बल्लभ पन्त भी एक सभा को संबोधित करने आये। पूरे नवम्बर कानपुर आंदोलित रहा ।