कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ओटी मैनेजर ने सहयोगियों के साथ मिलकर किडनी ट्रांसप्लांट किया था। जिस डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी को यूरो सर्जन बताया जा रहा था, वह ओटी मैनेजर निकला।
कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण की जांच कर रही पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पुलिस को पता चला है कि जिस डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी को यूरो सर्जन बताया जा रहा था, वह ओटी मैनेजर निकला। उसकी जान पहचान डॉ. रोहित, शिवम अग्रवाल और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ से है।
पुलिस की एक टीम उसके दिल्ली के उत्तमनगर स्थित फ्लैट पर गई थी। वहां उसकी पत्नी ने उसे ओटी मैनेजर बताया। पुलिस मुदस्सर अली की तलाश में जुटी है। पुलिस की जांच में सामने आया था कि रविवार की रात पारुल तोमर और आयुष की किडनी ट्रांसप्लांट के बाद करीब तीन बजे आहूजा हॉस्पिटल से दो कारें निकली थीं।
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कानपुर के हैलेट अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट में किया रेफर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किया कैरेंस कार से ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार और यूरो सर्जन गाजियाबाद के वैशाली तक गए, जबकि अर्टिगा कार से पांच लोग लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में उतरे थे।
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हैलट के सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल से किडनी के मरीज पारूल, आयुष को पीजीआई लखनऊ लेकर जाती एंबुलेंस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने कार के नंबर और सीसीटीवी कैमरों की मदद से कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने यूरो सर्जन डॉ. मुदस्सर अली की जानकारी दी थी। कहा कि वह वैशाली के एक बड़े अस्पताल में सर्जरी करते हैं।
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किडनी ट्रांसप्लांट मामले में गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार
- फोटो : पुलिस
रविवार की रात रास्ते में जाते समय एक टोल पर कैरेंस कार के फास्टटैग का रिचार्ज खत्म हो गया। उसके लिए डॉ. अली ने ऑनलाइन रुपये कार चालक अजय यादव के खाते में ट्रांसफर किए। पुलिस ने डॉ. अली की जानकारी जुटाई।
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कानपुर के हैलेट अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट में किया रेफर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस की एक टीम डॉ. अली के दिल्ली के उत्तमनगर स्थित फ्लैट पर गई थी जहां से उसके ओटी मैनेजर होने का पता चला।
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कानपुर किडनी कांड का मामला
- फोटो : amar ujala
गाजियाबाद का वैभव मुद्गल निकला डेंटिस्ट
गाजियाबाद के डॉ. वैभव मुद्गल का नाम सामने आया है। उसकी जांच की गई तो वह डेंटिस्ट निकला। डॉ. अमित मेरठ में अल्फा हॉस्पिटल का संचालन कर रहा है, जबकि डॉ. अफजल प्राइवेट क्लीनिक चलाता है। इन आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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हैलट में किडनी डोनर आयुष चौधरी की जांच करते प्राचार्य डॉ. काला और अन्य
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लखनऊ में उतरे पांच लोगों में डॉ. सैफ, डॉ. शैलेंद्र, डॉ. अखिलेश और दो अन्य के नाम सामने आ रहे हैं। इनकी जानकारी कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार ने दी है। शुक्रवार को दोनों ओटी टेक्नीशियन को कोर्ट में पेश किया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
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आहूजा हॉस्पिटल
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पिछले साल मेडिलाइफ हॉस्पिटल में हुआ था महिला का किडनी ट्रांसप्लांट
केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल के अलावा मसवानपुर के मेडिलाइफ हॉस्पिटल में एक अन्य महिला की किडनी ट्रांसप्लांट की गई है। यह जानकारी पुलिस को दोनों टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार ने दी।
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मेड लाइफ हॉस्पिटल
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रावतपुर पुलिस शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने से पहले दोनों को रावतपुर, काकादेव, कल्याणपुर और पनकी क्षेत्र के नर्सिंगहोम में ले गई थी। मेडिलाइफ हॉस्पिटल को देख दोनों ने उसे पहचाना और पुलिस को कई जानकारियां दीं।
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प्रिया हॉस्पिटल
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डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि मसवानपुर स्थित मेडिलाइन हॉस्पिटल में एक अन्य महिला का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है। उस महिला और डोनर की जानकारी की जा रही है। यह अस्पताल कन्नौज के तिर्वा का रोहन, सौरिख का संदीप और औरैया का नरेंद्र संचालित कर रहे थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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जनवरी 2026 में किसी मरीज की मौत होने पर सीएमओ कार्यालय ने इसे सील कर दिया था। नर्सिंगहोम और उसके संचालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। सीएमओ कार्यालय को भी पत्र लिखा गया है।
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डॉ. प्रीति आहूजा
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केशवपुरम के होटल में रुके थे डॉक्टर
दिसंबर 2025 में सर्जरी से पूर्व डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ केशवपुरम के एक होटल में रुके थे। पुलिस ने वहां पहुंचकर जानकारी जुटाई। पुराने रिकार्ड मांगे गए हैं। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी मांगे गए हैं।
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इसी अस्पताल में चल रहा था किडनी कांड
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पुलिस जानना चाह रही है कि उस समय भी यही टीम आई थी या दूसरी कोई टीम आई थी। हालांकि, दोनों ओटी टेक्नीशियन ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उस समय ऑपरेशन के बाद किडनी रोगी और डोनर को कहां-कहां भर्ती किया गया इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुई हैं। कुछ सुराग मिले हैं।
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अस्पताल में मौजूद पुलिस
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सर्जरी के बाद बिगड़ी थी हालत, दिल्ली रेफर
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक दोनों ओटी टेक्नीशियन ने बताया है कि उस वक्त सर्जरी के बाद महिला की हालत बिगड़ गई थी। उसे दिल्ली में द्वारका के बड़े अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती किया गया था।
वहां इलाज के बाद महिला की मौत हो गई थी। आरोपियों ने अस्पताल के साथ मिलीभगत कर महिला के गालब्लाॅडर की सर्जरी का पर्चा बनाया था। पुलिस महिला और उसके परिजन की जानकारी जुटा रही है।