पीएसआरआई अस्पताल के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला
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बताते चलें कि किडनी कांड की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच के मुताबिक लगभग 90 फीसदी किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट के केसों में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। फर्जीवाड़ा के जरिए डोनर प्रोवाइडर, हॉस्पिटल के कोऑर्डिनेटर, डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी कारोड़ों रुपये कमा रहे हैं।