बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भाई दीपक दुबे पर रविवार को एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। चौबेपुर पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। दरअसल उसने अपनी सेमी ऑटोमेटिक राइफल विकास दुबे को दे रखी थी।
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विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने लखनऊ जेल जाकर उसके बयान लिए, तो उसने यह बात कबूली। बिकरू कांड के बाद दीपक दुबे फरार हो गया था। लखनऊ में धोखाधड़ी का एक केस दर्ज हुआ और चौबेपुर में दो केस दर्ज हुए।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
इसमें फर्जी शपथ पत्र देने और फेक आईडी पर सिम लेने के केस शामिल हैं। दो सप्ताह पहले वह लखनऊ कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया था। चौबेपुर पुलिस ने कोर्ट से अनुमति लेकर लखनऊ जेल में अपने केस से संबंधित पूछताछ की।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक दीपक ने बताया कि जब से विकास जेल से छूटा था तब से (एक साल से) राइफल उसी के पास थी। एसपी का कहना है कि जिसके नाम शस्त्र लाइसेंस होता है, वही शस्त्र का इस्तेमाल कर सकता है।
राइफल कहां है, नहीं बताया
दीपक की राइफल अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। बिकरू कांड के सभी आरोपी जेल जा चुके हैं। राइफल बरामद करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। दीपक से जब राइफल के बारे में पूछा गया तो उसने जानकारी होने से इनकार कर दिया। उसने बताया कि विकास और उसके गुर्गे राइफल रखते थे। इससे ज्यादा उसे कुछ नहीं पता।