कानपुर में रोनिल हत्याकांड में पुलिस पर पीड़ित के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस हाथ पर हाथ धरी बैठी रही। सोमवार की आधी रात जब परिजन चकेरी पुलिस के पास दोबारा पहुंचे तो पुलिसवालों ने उनको सुबह नौ बजे आने को कहा। तब तक देर हो चुकी थी और मंगलवार सुबह सात बजे रोनिल का शव मिल गया। रोनिल के पिता संजय सरकार व अन्य परिजनों ने मिलकर स्कूल से खुद ही सीसीटीवी फुटेज जुटाए थे। चकेरी पुलिस की कार्यशैली पर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। रोनिल के पिता संजय के मुताबिक जब सोमवार दोपहर ढाई बजे तक रोनिल घर नहीं पहुंचा तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। स्कूल गए। शाम चार बजे थाने जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की।
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए उन्होंने खुद ही स्कूल से फुटेज निकलवाए, जिसमें रोनिल निकलता हुआ दिखाई दिया। घर की तरफ जाने वाले रास्ते पर लगे कैमरों की भी तलाश शुरू की। सोमवार रात दो बजे वह दोबारा चकेरी थाने गए।
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जंगल में मिला छात्र का शव
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि तब पुलिसकर्मियों ने मंगलवार को सुबह नौ बजे बुलाया। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद रोनिल बच सकता था।
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रोनिल की फाइल फोटो
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आशंका...मारकर फेंका है शव
संजय व अन्य परिजनों ने बताया कि पूरी रात वह इलाके में रोनिल की खोजबीन करते रहे थे। घटनास्थल (चंदारी रेलवे स्टेशन के पास जंगलों) से करीब 200 मीटर पहले तक भी वह गए। चूंकि फिर रेलवे ट्रैक था इसलिए वह आगे नहीं गए थे।
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घटनास्थल पर निरीक्षण करते कमिश्नर बीपी जोगदंड
- फोटो : अमर उजाला
शव ट्रैक पार करने के बाद करीब 50 मीटर भीतर जंगल में पड़ा था। परिजनों ने दावा किया कि रात में एक बोलेरो घटना स्थल की तरफ गई थी। आशंका है कि हत्यारे शव उसी से लेकर गए और वहां फेंक दिया।
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रोनिल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक शव मिलने की सूचना स्कूल प्रशासन को किसी ने फोन पर दी थी। रोनिल स्कूल ड्रेस में था इसलिए वीरेंद्र स्वरूप स्कूल में ही सीधे सूचना किसी ने दे दी। तब स्कूल वालों ने रोनिल के परिजनों को जानकारी दी। परिजनों से जानकारी पुलिस को मिली।
स्कूल से जुटाई जानकारी
रोनिल के शव को पोस्टमार्टम में भेजने के बाद मंगलवार दोपहर डीसीपी पूर्वी रवींद्र कुमार, एडीसीपी ब्रजेश श्रीवास्तव और एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक श्यामनगर स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल विजयश्री पांडे के अलावा अन्य स्टाफ व टीचरों से पूछताछ की। इस दौरान छात्र के व्यवहार आदि की भी जानकारी ली गई। बताया गया कि रोनिल बेहद शांत और सीधे स्वभाव का था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। पढ़ाई में भी अच्छा था।