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UP: अपमान का बोझ न सह सकी छात्रा, रेलवे ट्रैक पर खत्म की जिंदगी, मां बोली- अब हम किसके सहारे जिएंगे…पढ़ें मामला

Tue, 16 Sep 2025 05:32 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: काकादेव में नौवीं की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने स्कूल टीचर पर डांटकर अपमानित करने का आरोप लगाया है। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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कानपुर में छात्रा ने ट्रैक पर दी जान - फोटो : amar ujala
कानपुर में काकादेव थानाक्षेत्र में गोलचौराहे से श्रम विभाग की ओर सौ मीटर दूर सोमवार की शाम ओंकारेश्वर स्कूल की नवीं की छात्रा ने रेलवे पटरी पर गर्दन रखकर ट्रेन से कटकर जान दे दी। स्कूली छात्रा का सिर धड़ से अलग देख राहगीरों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्कूल बैग में कॉपी में लिखे पते से परिजनों को जानकारी दी, तो चीखपुकार मच गई।

माता-पिता का आरोप है, कि सोमवार को बेटी के बैग में बुके और चॉकलेट निकलने पर टीचर ने उसे बुरी तरह से डांट दिया था। इसके बाद उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। वहीं स्कूल प्रबंधन ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। आवास विकास-एक केशवपुरम निवासी प्राइवेट कर्मी मुकुल आनन्द की बेटी संस्कृति आनन्द (15) जवाहर नगर स्थित ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल में नवीं की छात्रा थी।
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घटनास्थल से बरामद सामान - फोटो : amar ujala
टीचर ने बुरी तरह से डांट दिया
परिवार में मां साधना व बड़ा भाई अरनव है, जो गोपाल टावर के पास एक कॉलेज में 11 वीं का छात्र है। परिजनों ने बताया कि बेटी को चित्रकारी का काफी शौक था। बताया कि इसी कारण वह सोमवार को स्कूल बैग में बुके बनाकर और चॉकलेट रखकर ले गई थी। मां का आरोप है कि इस पर कक्षा में मौजूद टीचर ने उसे बुरी तरह से अन्य बच्चों के सामने डांट दिया। इसके बाद उन्हें शिकायत करने के लिए स्कूल बुलाया।
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रोते बिलखते मां-बाप - फोटो : amar ujala
बैग किनारे रखकर पटरी पर रख दी गर्दन
वहां उनके सामने में डांटा और पिता से शिकायत करने की धमकी दी। इस पर मां ने माफी मांगते हुए पत्र लिखकर दिया और स्कूल से वह चली गईं। आरोप है, कि सबके सामने जलील करने पर यह बात बेटी के दिल में चुभ गई। वह छुट्टी के समय 3.45 बजे स्कूल से निकली और घर नहीं पहुंची। करीब 5.30 बजे वह गोल चौराहा पहुंची। यहां रेलवे ट्रैक पर पटरी-पटरी सुनसान इलाके में पहुंची और स्कूल बैग किनारे रखकर पटरी पर गर्दन रख दी। काकादेव इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

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रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
दो टुकड़ों में शव देखते ही बगल में गिर गई मां
पुलिस ने जैसे ही परिजनों को सूचना दी वैसे ही घटनास्थल पर मां को पहुंचने में एक-एक सेकेंड भारी लग रहा था। वह जैसे ही मौके पर पहुंची और स्कूल ड्रेस में खून से लथपथ शव और अलग सिर देखा तो अचेत होकर वहीं बगल में कुछ पल के लिए गिर गई। वहीं पिता सिर पकड़कर फोन पर अपने पिता राजेश आनन्द को जानकारी देते हुए गिर पड़े।
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मृतका छात्रा के गमगीन पिता - फोटो : amar ujala
हम तो जी जान लगाकर, बिटिया को अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे थे
बेटी का शव देखकर पिता फूट-फूटकर रोने बिलखने लगा। उनका कहना था कि सैलून के सामानों की सप्लाई का काम करके वह किसी तरह पेट काट-काटकर अपनी होनहार बिटिया को अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे थे, लेकिन ये तुमने क्या कदम उठा लिया। मां-पिता और परिजनों ने स्कूल के टीचर को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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घटनास्थल से छात्रा का बैग ले जाते परिजन - फोटो : amar ujala
घर नहीं आई तो ढूंढने निकलने की थी तैयारी लेकिन आ गई खबर
दोपहर 3.45 पर छुट्टी होने के बाद छात्रा जब रोज की तरह घर नहीं पहुंची तो शाम पांच बजे परिजनों को चिंता सताने लगी। वह लोग उसे ढूंढने की तैयारी करने के लिए निकलने वाले थे, लेकिन तब तक पुलिस ने मौत की खबर दी तो पैरों तले जमीन खिसक गई। चीखते चिल्लाते हुए परिजन मौके पर पहुंचने के लिए साधन से भागे।
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छात्रा की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
स्कूल पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। संस्कृति आनंद कक्षा नौ की छात्रा अपनी मां के साथ विद्यालय की छुट्टी के बाद घर के लिए निकल गई थी। इसके बाद घटना कैसे घटित हुई, यह संज्ञान में नहीं हैं। घटना अत्यंत दु:खद है। विद्यालय भी इस घटना से हतप्रभ है और अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है।  -स्कूल की प्रबंध निदेशक डॉ. पूजा अवस्थी और प्रधानाचार्य राममिलन सिंह
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