यूपी के कानपुर में भीषण गर्मी में हैलट का एसी फेल होने के बाद हुई मरीजों की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन नहीं जागा है। अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल का हाल बेहाल है। यहां गर्मी से बिलबिलाए बच्चे रो-रोकर अपना हाल बता रहें हैं। अस्पताल प्रशासन से सुधार की उम्मीद छोड़ चुके तीमारदार खुद ही व्यवस्था करने में लगे हैं। कुछ तीमारदारों ने घरों से टेबल फैन लाकर बेड के पास लगवा लिए हैं। कोई बाहर से बर्फ मंगवाकर ठंडे पानी का जुगाड़ कर रहा है। अस्पताल के हाल को बयां करती लाइव रिपोर्ट
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अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल का हाल
- फोटो : अमर उजाला
समय: 1 बजे: स्थान: अपर इंडिया अस्पताल
अपर इंडिया अस्पताल की लॉबी में लाइन से तीमारदार नवजात को गोद में लेकर बैठें हैं। कोई पंखा झल रहा है तो कोई बच्चे को गोद में लेकर टहल रहा है। पूछने पर बताया कि वार्ड में पंखे की हवा नहीं लगती। वार्ड का नजारा हैरान करने वाला था। तीमारदारों ने अपने बेड की तरफ टेबल फैन लगाए थे। मसवानपुर की प्रतिभा को 9 दिन पहले बेटा हुआ था। बेड के पास टेबल फैन लगा था। पूछने पर बोली हैलट का हाल पता था, इसलिए घर से पंखा लेकर आई थी।
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अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल का हाल
- फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर की कुंती कहती हैं कि हैलट का हाल ऐसा होगा पता नहीं था। बेटे के जन्म के बाद पति ने बाजार से नया पंखा खरीदा। पानी के लिए भी केवल एक ही नल है, जिससे सादा पानी आता है। बाहर से बर्फ खरीदकर पानी ठंडा करना पड़ता है। पनकी के बदलू मजदूर हैं। 300 रुपये दिहाड़ी मिलती है। पूरी दिहाड़ी बच्चे और पत्नी की दवाई लाने में ही खर्च हो जाती है। बदलू बोले अस्पताल से दवाइयां नहीं मिल रहीं हैं।
अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल का हाल
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सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के बाहर भी तीमारदार नवजात को गोद में लिए बैठे थे। पूछने पर बताया एसएनसीयू में केवल एक वॉल फैल लगा है। गर्मी और उमस काफी है, इसलिए सब बच्चों को लेकर बाहर बैठे हैं।
बोले जिम्मेदार:
‘मरीजों को संसाधनों के हिसाब से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। पंखे चल रहें हैं। गर्मी अधिक होने की वजह तीमारदारों ने घर से पंखे लाकर लगा लिए हैं। कभी ऐसा हो सकता है कि किसी वजह से दवाइयां बाहर से लानी पड़े। वैसे हर मरीज को समय पर दवाइयां दी जा रही है। ’डॉ किरन पांडे, विभागाध्यक्ष- स्त्रीरोग विभाग, जीएसवीएम