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Kanpur Encounter: बहन को छह बीघा जमीन दिलाने का विवाद बना काल, इस एफआईआर पर दबिश देने गई थी पुलिस, मिली मौत

Sun, 05 Jul 2020 09:47 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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घटना की मूल जड़ बताती समीक्षा शुक्ला, उनकी मां व बहन - फोटो : अमर उजाला
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और पारिवारिक बहनोई राहुल तिवारी के बीच घनश्यामपुर ग्राम पंचायत के मोहनी निवादा गांव की छह बीघा जमीन के विवाद ने आठ पुलिस कर्मियों की जीवन लीला समाप्त कर दी। करीब तीन वर्षों से विकास दुबे इस जमीन को अपनी पारिवारिक बहन को दिलाने के लिए राहुल पर दबाव बनाए हुए था।
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद - फोटो : अमर उजासा
मोहनी निवादा गांव निवासी दिवंगत लल्लन शुक्ला की तीन बेटियां हैं। लल्लन के पुत्र न होने पर उन्होंने सुनील शुक्ला नाम के भांजे को गोद लिया था। लल्लन ने अपनी छह बीघा जमीन सुनील के नाम कर दी थी। लल्लन की एक पुत्री सुनीता गौरीलक्खा निवासी पत्नी बबलू तिवारी, दूसरी पुत्री प्रतिमा निवासी जादेपुर खस्सा पत्नी राहुल तिवारी हैं, जबकि तीसरी पुत्री सरिता अविवाहित है।



 
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कानपुर एनकाउंटर में शहीद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
लल्लन के दत्तक पुत्र सुनील शुक्ला का विवाह बिकरू गांव के विकास दुबे की पारिवारिक बहन समीक्षा से हुआ है। राहुल तिवारी मोहनी निवादा गांव में ससुर की मौत के बाद ससुराल की जमीन बिक्री कर सबसे छोटी साली सरिता का विवाह करना चाहता था।

 

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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे जमीन सुनील की होने को लेकर ऐसा न होने के लिए पूरी ताकत से लगा रहा। इसी बात पर दोनों पक्षों में कई बार पारिवारिक पंचायतें भी हुईं, लेकिन मामला सुलटा नहीं। जानकारी के अनुसार, विकास के विरोधी पारिवारिक सदस्यों ने राहुल तिवारी को आगे कर कुछ दिन पहले ही बाइक समेत अपहरण, मारपीट और अन्य आरोप लगा चौबेपुर एसओ विनय तिवारी को शिकायत की लेकिन राहुल को थाने से चलता कर दिया गया।

 
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद - फोटो : amar ujala
फिर राहुल ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र से एसओ चौबेपुर की कई कारस्तानी बताते हुए तहरीर दी। इसके बाद दो जुलाई की रात विकास दुबे सहित उसके कई साथियों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद सीओ बिल्हौर ने आलाधिकारियों से अनुमति लेकर चौबेपुर, शिवराजपुर और बिठूर थानों की फोर्स के साथ बिकरू गांव में दबिश दी थी।
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