कानपुर के संजीत अपहरण हत्याकांड में बर्रा पुलिस ने अपहरणकर्ताओं का नार्को टेस्ट कराने के लिए बुधवार को कोर्ट में अर्जी डाली है। कोर्ट ने पुलिस की अर्जी पर फैसला सुनाने के लिए दोनों पक्षों को 24 अगस्त की तारीख दी है। पुलिस को दावा है कि नार्को टेस्ट से आरोपियों से अहम साक्ष्य जुटाए जा सकेंगे।
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संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
पुलिस के अनुसार इस टेस्ट से साफ हो जाएगा कि अपहर्ताओं ने संजीत के साथ क्या किया और उन्होंने पुलिस को जो कहानी सुनाई थी, उसमें कितनी सच्चाई है। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि रामजी शुक्ला, ज्ञानेंद्र, नीलू, प्रीती व कुलदीप गोस्वामी का नार्को टेस्ट कराने के लिए अर्जी दाखिल की गई है। उन्होंने बताया कि सिम्मी से अधिकांश जानकारियां हासिल की जा चुकी हैं। इसलिए उसकी अर्जी नहीं डाली है।
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संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
डिंपल यादव के प्रतिनिधि ने की परिजनों से मुलाकात
सपा की पूर्व लोकसभा सांसद डिंपल यादव के प्रतिनिधि कन्नौज निवासी नवाब सिंह यादव ने बुधवार को संजीत के बर्रा स्थित घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि डिंपल पूरे मामले में नजर बनाए हैं। पार्टी उनके साथ है।
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संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
क्या है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। 23 जुलाई की रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था।
उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा था। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया था। इसके बाद उसे बंधक बना लिया था। चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाकर रखा था। 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी थी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया था।