महानगर कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय को रिक्शे पर देख शहरवासी अचंभित हो गए। लोगों का अचंभित होना तो लाजमी भी था लेकिन महापौर का रिक्शे पर बैठकर जाना लोगों को हजम नहीं हो रहा था। इसके पीछे एक वजह थी जिसे जानकर लोगों की हैरानी और ज्यादा बढ़ गई। महापौर की रिक्शे से यात्रा करने का कारण था कार की सर्विस न होना। इससे भी बड़ी बात थी कि कार सर्विस के लिए खजाने में पैसे का न होना। इन सब सवालों ने लोगों को उलझाकर रख दिया था। साथ ही महापौर का गुस्सा और कार त्यागने का ऐलान सुनकर एक ओर जहां कुछ की सांसें अटकी पड़ी थीं तो दूसरी ओर लोग भी तरह-तरह की बातें कर रहे थे। आगे की स्लाइड में पढ़िए महापौर की रिक्शा यात्रा का ये वर्णन....
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महापौर प्रमिला पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
महापौर को नगर निगम से एक सरकारी गाड़ी (इनोवा) मिली है। जलकल विभाग का अध्यक्ष होने के नाते वहां से भी एक कार मिली है। जलकल विभाग वाली कार सर्विसिंग के लिए गई थी। महापौर ने सुबह नगर निगम से मिली इनोवा भी सर्विसिंग के लिए सर्विस सेंटर भेजी, पर सर्विस सेंटर ने यह कहते हुए सर्विस करने से इनकार कर दिया कि पिछली दो सर्विस का भुगतान नहीं हुआ है।
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महापौर प्रमिला पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
इस पर महापौर ने नगर निगम के मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी रमेश निरंजन से बात की तो उन्होंने खजाना खाली होने का हवाला दिया। इससे गुस्साई महापौर ने सरकारी गाड़ी त्यागने का ऐलान किया।
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महापौर प्रमिला पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम मुख्यालय स्थित अपने दफ्तर में जनता और पार्षदों से मिलने के बाद दोपहर में महापौर ने रिक्शा मंगाया और उसी पर बैठकर बकरमंडी, चुन्नीगंज, माल रोड होते हुए ग्रीन पार्क पहुंची। वहां आयोजित खेल महोत्सव के बाद नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने उन्हें मनाते हुए अपनी गाड़ी से घर भेजा।
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महापौर प्रमिला पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
महापौर प्रमिला पांडेय के पीछे-पीछे स्कूटी से उनके पीए चल रहे थे। रास्ते में तमाम लोग यह नजारा देख हतप्रभ रह गए। महापौर ने ऐलान किया कि खजाने में धन नहीं है तो वह सरकारी गाड़ी से नहीं चलेंगी।
कार की सर्विसिंग न होने से गुस्साई महापौर प्रमिला पांडेय ने गुरुवार को कार त्याग दी। वह नगर निगम मुख्यालय से रिक्शे पर बैठकर ग्रीन पार्क में आयोजित खेल महोत्सव में शामिल होने पहुंची।