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Kanpur Kidney Racket: टेक्नीशियन ही करता था किडनी ट्रांसप्लांट, 900 पन्नों की चार्जशीट तैयार, खुला काला सच

Wed, 27 May 2026 09:03 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Illegal Kidney Transplant: अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में पुलिस ने 900 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट तैयार की है, जिसमें ओटी मैनेजर मुदस्सर अली को मुख्य सर्जिकल कर्ता बताया गया है। रैकेट में नर्सिंगहोम संचालकों से लेकर ट्रैवल एजेंटों तक की संलिप्तता के ठोस सबूत मिले हैं।
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मुदस्सर अली, डॉ. प्रीति आहूजा और एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल - फोटो : amar ujala
कानपुर में अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट का खेल ओटी मैनेजर, ओटी असिस्टेंट, आईसीयू स्टाफ नर्सिंगहोम संचालकों के साथ मिलकर खेला है। पुलिस की चार्जशीट में सामने आया है कि ओटी मैनेजर और टेक्नीशियन मुदस्सिर अली ही किडनी ट्रांसप्लांट करता था। ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार तोमर और कुलदीप सिंह राघव ट्रांसप्लांट में सहयोग करते थे। तीनों को जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस को विवेचना में साक्ष्य मिले हैं कि किडनी डोनर और रिसीवर को लाने, रुकवाने और सर्जरी के बाद देखरेख की जिम्मेदारी अलग-अलग लोगों की थी। अस्पताल के स्टाफ की पहले ही छुट्टी कर दी जाती थी। किडनी ट्रांसप्लांट मामले में करीब 900 पेज की चार्जशीट तैयार हो गई है। उसे मंगलवार को विधिक राय के लिए भेजा गया है, जिसे मंजूरी मिलते ही कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
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इसी अस्पताल में चल रहा था किडनी कांड - फोटो : amar ujala
जांच के बाद इनकी हुई थी गिरफ्तारी
रावतपुर पुलिस ने 31 मार्च को एसआई मुकेश कुमार की तहरीर पर अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट की एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद आहूजा नर्सिंगहोम संचालक डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुश्वाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव, राजेश तोमर, परवेज सैफी, रोहित तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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इस कांड में कानपुर के हैलट के सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल से किडनी के मरीजों को पीजीआई लखनऊ भेजा गया - फोटो : amar ujala
मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली भेजी गई थीं टीमें
पुलिस की जांच में एनसीआर क्षेत्र के कुछ लोगों के नाम आए। कई टीमें मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली भेजी गई लेकिन कोई नहीं मिला। कुछ दिन बाद गाजियाबाद के मुदस्सर अली ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने शनिवार को बहराइच के सैफुद्दीन और चकेरी के अखिलेश तिवारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेजा गया। अभी चार से पांच आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसमें डॉ. अफजल, डॉ. वैभव, नवीन पांडेय आदि शामिल हैं।

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Kidney Racket - फोटो : amar ujala
पुलिस और नर्सिंगहोम के स्टाफ बनाए गए गवाह
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट में 25 से 30 गवाहों के बयानों को शामिल किया गया है। इसमें कानपुर पुलिसकर्मियों के अलावा मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली के नर्सिंगहोम के स्टाफ हैं। दो होटल कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और विशेषज्ञों के बयान भी लिए गए हैं। चार्जशीट में होटल, नर्सिंगहोम, ट्रैवल एजेंसी के दस्तावेज लगाए गए हैं। तीन नर्सिंगहोम के सीसीटीवी फुटेज को शामिल किया गया है। रावतपुर पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तीन से चार दिन में चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत कर सकती है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala
मुदस्सर अली करता था किडनी ट्रांसप्लांट
रावतपुर एसओ कमलेश राय के मुताबिक अब तक हुई जांच में गाजियाबाद के मुदस्सर अली के ट्रांसप्लांट करने की जानकारी हुई है। वह पहले एनसीआर के किसी बड़े सर्जन के अंडर में सर्जरी करता था। उसका हाथ काफी साफ है। शनिवार को गिरफ्तार हुए सैफुद्दीन और अखिलेश तिवारी ने उसके ट्रांसप्लांट करने के बयान दिए हैं।
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