फत्तेपुर से लेकर फतेहपुर तक करीब 58 किलोमीटर पांडु नदी मेें तलाश के बाद भी संजीत का शव न मिलने के कारण पुलिस अब कानपुर देहात के चीता पर फोकस कर रही है। दरअसल, अपहरण के आरोपियों ने बताया था कि चीता ने उन्हें फोन कर 30 लाख में संजीत को देने की मांग की थी।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
ऐसे में आशंका है कि चीता मानव तस्करी से तो नहीं जुड़ा है। पुलिस सीडीआर से कनेक्शन खंगालने में जुट गई है। आरोपी सचेंडी निवासी सिम्मी व नीलू ने बताया था कि चीता ने उनसे संजीत को खरीदने की बात की थी। ऐसे में चीता का संपर्क किसी मानव तस्कर गिरोह से होने की आशंका जाहिर की थी। पुलिस के अनुसार चीता की धरपकड़ को टीमें लगाई गई हैं।
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Kanpur Kidnapping Case
- फोटो : अमर उजाला
एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया किचीता ने अपहर्ताओं से संजीत की मांग की थी। संजीत का शव भी अभी नहीं मिला है। ऐसे में चीता की गिरफ्तारी अहम और प्राथमिक है। टीमें भी लगा दी गई हैं। सीडीआर की मदद से चीता का मानव तस्करी से कनेक्शन खोजने का प्रयास कर रहे हैं।
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नार्को टेस्ट के लिए पुलिस दाखिल करेगी कोर्ट में अर्जी
संजीत अपहरण कांड में मंगलवार को पुलिस कोर्ट में पांच आरोपियों ज्ञानेंद्र, नीलू, सिम्मी, रामजी व कुलदीप के नार्को टेस्ट के लिए अर्जी दाखिल करेगी। पुलिस का दावा है कि अगर आरोपी नार्को टेस्ट कराने से इंकार भी कर देते हैं तो भी उनका अपराध साबित करने में मदद मिलेगी।
इस कांड में साक्ष्यों के नाम पर पुलिस के पास अभी तक सिर्फ संजीत की बाइक और किराये के कमरे व कार में मानव खून के निशान हैं। संजीत का बैग, मोबाइल, फिरौती में इस्तेमाल मोबाइल, फिरौती वाला बैग, बैग में रखा मोबाइल नहीं मिल सका है। सीओ और इंस्पेक्टर के अनुसार बंधक बनाने वाले कमरे और कार में मिले खून के मिलान के लिए पुलिस डीएनए टेस्ट कराएगी। इसके लिए बुधवार को संजीत के पिता चमन सिंह व मां कुसुमा देवी का सैंपल लिया जाएगा।