कानपुर में संजीत अपहरण कांड में पुलिस ने अंबेडकरनगर स्थित नाले के दोनों सिरों को मिट्टी डालकर बंद करने के बाद पानी निकलवाकर फिरौती मांगे जाने वाले मोबाइल को खोजा, लेकिन घंटों प्रयास के बाद भी मोबाइल नहीं मिला। मेटल डिटेक्टर व डॉग स्क्वॉयड टीम की भी मदद ली गई।
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Kanpur Kidnapping Case
- फोटो : अमर उजाला
बर्रा थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि हत्यारोपी ज्ञानेंद्र, नीलू और सिम्मी ने फिरौती मांगने वाला मोबाइल अंबेडनगर में नाले में फेंकने की बात कही थी। फिरौती वाला बैग और संजीत का मोबाइल भी अभी नहीं मिला है। सोमवार को एसपी साउथ दीपक भूकर के निर्देश पर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम छह बजे तक तलाशी अभियान चला लेकिन कोई भी साक्ष्य हाथ नहीं लग सका।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
पुलिस के अनुसार तीनों हत्यारोपी इसी नाले में मोबाइल फेंक कर सचेंडी के लिए जंगल के रास्ते पैदल निकल गए थे। एसपी साउथ ने बताया कि पांडु नदी में फिर से संजीत के शव की तलाश कराई जाएगी।
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नार्को टेस्ट के लिए पुलिस दाखिल करेगी कोर्ट में अर्जी
संजीत अपहरण कांड में मंगलवार को पुलिस कोर्ट में पांच आरोपियों ज्ञानेंद्र, नीलू, सिम्मी, रामजी व कुलदीप के नार्को टेस्ट के लिए अर्जी दाखिल करेगी। पुलिस का दावा है कि अगर आरोपी नार्को टेस्ट कराने से इंकार भी कर देते हैं तो भी उनका अपराध साबित करने में मदद मिलेगी।
इस कांड में साक्ष्यों के नाम पर पुलिस के पास अभी तक सिर्फ संजीत की बाइक और किराये के कमरे व कार में मानव खून के निशान हैं। संजीत का बैग, मोबाइल, फिरौती में इस्तेमाल मोबाइल, फिरौती वाला बैग, बैग में रखा मोबाइल नहीं मिल सका है। सीओ और इंस्पेक्टर के अनुसार बंधक बनाने वाले कमरे और कार में मिले खून के मिलान के लिए पुलिस डीएनए टेस्ट कराएगी। इसके लिए बुधवार को संजीत के पिता चमन सिंह व मां कुसुमा देवी का सैंपल लिया जाएगा।