संजीत अपहरण हत्याकांड मामले में डीआईजी के निर्देश पर फोरेंसिक टीम ने मंगलवार को रतनलाल नगर स्थित मकान की जांच की। हॉल में खिड़की के पास, कमरे और किचन के वॉश बेसिन में केमिकल के डालते ही खून के धब्बे उभर आए। ऐसे में साफ है कि अपहर्ताओं ने वारदात के बाद सुबूतों को मिटाने का भी काम किया।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
कमरों से चिप्स, कोल्डड्रिंक की खाली बोतलें और प्लास्टिक के गिलास भी बरामद हुए हैं। बर्रा थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि अपहर्ताओं ने 22 जून को संजीत को अगवा कर रतनलाल नगर में लिए गए किराये के मकान में रखा था। पकड़े जाने पर आरोपियों ने यह भी कबूल था कि 26 जून को संजीत ने भागने का प्रयास किया था।
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इस पर कमरे में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पूरे मकान की छानबीन की गई। कमरे की फर्श समेत अन्य जगहों पर डाले गए केमिकल का रंग नीला पड़ने पर इंसानी खून की पुष्टि हुई। पुलिस ने गला दबाते वक्त संजीत की नाक, मुंह या कान से खून टपकर कर फर्श पर गिरने की आशंका जताई है।
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- फोटो : amar ujala
वहीं चर्चा यह भी रही संजीत को धारदार हथियार से मारा गया। इसके बाद हथियार को वॉश बेसिन का नल चलाकर धोया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि अपहर्ताओं को रिमांड में लेकर सच जानने का प्रयास किया जाएगा।
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किराये पर मकान लेने को महिला, बच्चों के साथ पहुंचा था
पुलिस की पूछताछ में एसके श्रीवास्तव ने बताया कि सहालग के वक्त जनवासे के लिए मकान को किराये पर उठाते थे। लॉकडाउन के बाद से मकान खाली पड़ा था। ईशु उर्फ ज्ञानेंद्र यादव ने अपने साथ एक महिला प्रीति शर्मा, उसके दो बच्चों और एक वृद्धा को साथ लाया था। इस पर ईशु को 15 जून को 15 हजार रुपये किराये पर मकान दे दिया था। 11 महीने का एग्रीमेंट कराया था।
हालांकि 14 जुलाई को वह मकान खाली कर गया था। पुलिस ने मकान की साफ सफाई करने वाले नौकर उनके मोहित व देबू को पूछताछ के बुलाया था। कमरे से चिप्स, गिलास और कोल्डड्रिंक की खाली बोतलें मिलने के सवाल पर नौकरों का कहना था कि मालिक के न होने के कारण साफ सफाई में खानापूरी की वजह से कुछ सामान अंदर रह गया होगा।