कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले स्पीकर हटाने की बात पर साढ़े नौ घंटे हंगामा हुआ है। महंत से अभद्रता पर थाना प्रभारी को निलंबित किया गया। शाम पांच बजे निकलने वाली रथयात्रा रात पौने दस बजे शुरू हो पाई। जानें पूरी कहानी
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कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले साउंड सिस्टम हटाने की बात पर हंगामा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर के जनरलगंज से जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले ही शुक्रवार को सुबह 11 बजे साउंड सिस्टम हटाने की बात पर हंगामा हो गया। आयोजकों की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई। दिन भर धरना-प्रदर्शन और हंगामा होता रहा। आयोजकों ने थाना प्रभारी पर पनकी महंत से अभद्रता करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्र की दुकानें बंद करवा दी गईं। जाम लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। शासन के हस्तक्षेप के बाद रात में बादशाहीनाका थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। करीब साढ़े नौ घंटे बाद मामला शांत हुआ।
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महंत और समर्थकों को समझाते पुलिस अधिकारी
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शाम पांच बजे निकलने वाली रथयात्रा रात पौने दस बजे शुरू हो पाई। जनरलगंज स्थित जगन्नाथ महाराज मंदिर (बिरजी मंदिर) से पिछले 210 वर्षों से हर साल भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। इसमें 40 मंडल सहयोग करते हैं।
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एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय से हाथ जोड़कर थाना प्रभारी के निलंबन की मांग करते महंत कृष्णदास
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रथयात्रा प्रबंधन कमेटी के महामंत्री विवेक अग्निहोत्री के मुताबिक, 11 बजे बादशाहीनाका थाना प्रभारी राजीव कुमार आए और केवल दो स्पीकर लगाने की बात कही। उन्होंने अन्य साउंड सिस्टम हटाने के निर्देश दिए। उन लोगों ने कहा कि अधिकारियों से बात हो गई है, साउंड सिस्टम से शोर नहीं होगा।
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महंत व समर्थकों को समझाते पुलिस अधिकारी
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इस दौरान पनकी महंत जितेंद्र दास और महंत कृष्ण दास भी आ गए। उन्होंने विरोध किया तो आरोप है कि थाना प्रभारी ने अभद्रता कर दी। इससे बात बिगड़ गई। आहत पनकी महंत जितेंद्र दास ने आत्मदाह की घोषणा कर दी।
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महंत जितेंद्र दास एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार को चुप कराते हुए बोले, कुछ न सुनेंगे, जब तक कार्रवाई नहीं
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एसीपी कलक्टरगंज आशुतोष सिंह, एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। एमएलसी सलिल विश्नोई और विधायक अमिताभ बाजपेई की अफसरों से बहस हो गई। सांसद रमेश अवस्थी ने फोन पर आयोजकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।
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कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले साउंड सिस्टम हटाने की बात पर हंगामा
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ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार, डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने आयोजकों को शांत कराया। एसीपी कलक्टरगंज आशुतोष सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। बवाल की आशंका पर एक कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है।
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महंत जितेंद्र दास को समझाने की कोशिश करते डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता
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9.40 घंटे तक संतों और पुलिस में हुआ विवाद
पिछले 200 वर्षों से जनरलगंज के वाईजी का मंदिर से निकाली जा रही श्री जगन्नाथ रथ यात्रा 9 घंटे 40 मिनट के विवाद के बाद निकल सकी। महंत के साथ बादशाहीनाका थाना प्रभारी की ओर से की गई बदसलूकी पर भाजपा सहित दूसरे दलों के जनप्रतिनिधियों, श्री जगन्नाथ रथ यात्रा प्रबंधक कमेटी और पुलिस के बीच जमकर शक्ति प्रदर्शन हुआ। आखिरकार मुख्यमंत्री तक बात पहुंचने के बाद थाना प्रभारी को हटाया, तब जाकर यात्रा निकल सकी।
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आत्मदाह का एलान करते महंत जितेंद्र दास और महंत कृष्ण दास
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महंत की ओर से आत्मदाह करने की धमकी भी दी गई
रथयात्रा कमेटी के पदाधिकारी और क्षेत्रीय लोग इस बात पर अड़े रहे कि जब तक थाना प्रभारी को निलंबित नहीं किया जाता है, यात्रा नहीं निकाली जाएगी। इस मामले में जनप्रतिनिधियों के साथ भी कई बार पुलिस की नोकझोंक हुई। यहां तक पनकी महंत की ओर से आत्मदाह करने की धमकी भी दी गई। हालांकि पुलिस लगातार यह कहती रही कि वह नियमों का पालन करा रही है, ऐसे में किसी को निलंबित कैसे किया जा सकता है।
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श्रद्धालुओं के साथ महंत जितेंद्र दास और महंत कृष्ण दास
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संतों को मनाने की हरसंभव कोशिश
दरअसल इस प्रदर्शन में सत्ता पक्ष के विधायक और पदाधिकारी भी शामिल थे, ऐसे में मामला और गंभीर हो गया। पुलिस यात्रा को सुचारू तरीके से निकालने और संतों को मनाने की हरसंभव कोशिश करती रही, लेकिन थाना प्रभारी को किसी भी सूरत में निलंबित करने के लिए तैयार नहीं थी। जब स्थिति बेकाबू होने लगीं तो भाजपा उत्तर इकाई जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित की ओर से मुख्यमंत्री के ओएसडी के व्हाट्सएप पर एक मैसेज भेजा गया।
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कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले साउंड सिस्टम हटाने की बात पर हंगामा
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इसमें उन्होंने लिखा कि यहां लंबे समय से श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है, इस बार भी निकाली जानी थी, लेकिन विवाद हो गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो रहे हैं। कृपया कोई समाधान निकाला जाए।
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जगन्नाथ रथयात्रा में इन्हीं साउंड को लेकर हुआ विवाद
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जिलाध्यक्ष के मैसेज भेजने के बाद सीएम कार्यालय से डीजीपी से इसकी जानकारी ली
अनिल दीक्षित के अनुसार, उनके मैसेज भेजने के करीब 45 मिनट बाद उनके पास सीपी का फोन आया कि थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया, आप लोग यात्रा निकालिए। जो यात्रा शाम को पांच बजे निकाली जानी थी वह पौने दस बजे निकाली गई। बताया जाता है कि जिलाध्यक्ष के मैसेज भेजने के बाद सीएम कार्यालय से डीजीपी से इसकी जानकारी ली गई और तत्काल एक्शन लेने के लिए कहा गया। यात्रा शुरू होने के बाद सांसद, विधायक सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले साउंड सिस्टम हटाने की बात पर हंगामा
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पौने पांच घंटे देर से भ्रमण पर निकले जगन्नाथ स्वामी
कानपुर के जनरलगंज स्थित बाई जी मंदिर से पहले दिन की रथयात्रा शुक्रवार को तय समय से करीब पौने पांच घंटे देरी से रात पौने दस बजे निकली। पहले रथयात्रा की शुरुआत शाम पांच बजे होनी थी लेकिन विवाद की वजह से यह रात में निकाली गई। रथयात्रा के साथ कई थानों का पुलिस बल व पीएसी के जवान भी चल रहे थे। यह आयोजन श्री जगन्नाथ रथयात्रा प्रबंधक समिति की ओर से किया गया।
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कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले साउंड सिस्टम हटाने की बात पर हंगामा
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रात सवा आठ बजे बादशाहीनाका के थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह के निलंबन का आदेश आने के बाद पीपल वाली कोठी चौराहा पर जयकारों के साथ भजन गूंजने लगे। इसके बाद रथयात्रा आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने रात 8:30 बजे अपने निर्धारित रूट से रथयात्रा निकालने की घोषणा की। कार्यकर्ता और पदाधिकारी तैयारियों में जुट गए।
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कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा निकलने से पहले साउंड सिस्टम हटाने की बात पर हंगामा
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इसके बाद रात 9:45 बजे भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व बलभद्र को रथ पर विराजमान कर आरती उतारी गई। मंदिर के सर्वराकार महंत कृष्ण दास व जितेंद्र दास महाराज ने आरती की और रथयात्रा का शुभारंभ किया। रथयात्रा में कटोरी, ढोलक, मंजीरा बजाकर जयकारे लगाते श्रद्धालुओं की भीड़ निकल पड़ी।
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धरने पर बैठे सदस्य और विधायक
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18 मंडलों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मनमोहक झांकियों, ध्वजा पताका, बैंड-बाजा की धुनों पर झूमते हुए जगन्नाथ स्वामी के भक्त चल रहे थे। इस दौरान समिति के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण गुप्ता, महामंत्री विवेक अग्निहोत्री, प्रचार मंत्री शिवम ओमर आदि मौजूद रहे।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस
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इन मार्गों से गुजरी रथयात्रा
रथयात्रा का शुभारंभ बाई जी मंदिर, जगन्नाथ की गली से हुआ जो काहूकोठी, नयागंज चौराहा, हूलागंज, भूसाटोली, सुनराहीदेवी रोड, मोतीमोहाल, तेलियाना से नागेश्वर भगवान मंदिर, नयागंज किराना, सराफाबाजार, जनरलगंज, मनीराम बगिया, गयाप्रसाद लेन, मूलगंज, टोपीबाजार, चौक सराफा आदि स्थानों पर होते हुए वापस मंदिर पहुंची।
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जगन्नाथ यात्रा विवाद
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सीएम कार्यालय में की बात
धार्मिक आयोजनों में इस तरह का अवरोध ठीक नहीं है। लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत न होने पाएं इसलिए मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी से वार्ता की गई। साथ ही पुलिस कमिश्नर से भी पूरे मामले पर नजर रखते हुए इसका तत्काल समाधान निकालने के लिए कहा गया।-रमेश अवस्थी, सांसद
जो भी हुआ ठीक नहीं हुआ
जो भी हुआ ठीक नहीं हुआ। शहर की 200 साल की परंपरा टूटते-टूटते रह गई। थाना प्रभारी को निलंबित करने का जो फैसला लिया गया यदि वह दो घंटे पहले ले लिया गया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती। दोनों पक्षों में भ्रम की स्थिति रही। ऐसा होना नहीं चाहिए था। सलिल विश्नोई, एमएलसी भाजपा
प्रशासन का रहा अहंकारी रवैया
प्रशासन ने अहंकारी रवैया अपनाया। जो काम पहले आसानी से हो सकता था, उसे धरना प्रदर्शन और बाजार बंदी के बाद किया गया। लोगों की भावनाएं आहत की गई। आखिर में सब कुछ ठीक हो गया। सब यही चाहते थे कि यात्रा निकले।- अमिताभ बाजपेई विधायक, सपा, आर्यनगर