कानपुर के घाटमपुर हादसे में पानी से भरी लबालब खंती से जब ट्रॉली हटाई गईं, तो लाशें ही लाशें पड़ी थीं। परिजन रो रहे थे, चिल्ला रहे थे, खंती में फंसे लोगों को बचाने की गुहार लगा रहे थे। मौके पर पहुंचे आसपास के गांवों के लोग पानी से लबालब खंती में घुसे, तो पैरों से शव टकराए तो वे सहम उठे। कांपते हाथों से ग्रामीण एक-एक करके शव खंती से बाहर ला रहे थे। किसी के हाथ में बच्चे का शव तो किसी के हाथ में बच्चे की मां का शव... चारों ओर करुण क्रंदन और चीत्कार।
शनिवार को साढ़-भीतरगांव मार्ग पर ट्रॉली के खंती में पलटने से 26 लोगों की मौत हो गई। मुंडन कराकर खुशियां मनाते हुए घर लौट रहे लोगों पर मौत ऐसी झपटी कि जिसने भी यह खौफनाक मंजर देखा, उसका हृदय दहल गया। पानी से भरी लबालब खंती से जब ट्रॉली हटाई गई तो लाशें ही लाशें पड़ी थीं। मरने वालों में बच्चों की संख्या अधिक थी। छोटे-छोटे बच्चे पानी में खो गए थे, काफी देर बाद उनके शव पानी में मिले। बच्चों की लाश निकाल रहे लोगों की आंखों से आंसू निकलना बंद नहीं हो रहे थे।