Kanpur Fire Accident: कानपुर के चमनगंज के प्रेमनगर के छह मंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद कारोबारी मोहम्मद दानिश और उनके परिवार का इखलाक और मोहब्बत को याद कर पूरा मोहल्ला रोया। दानिश की पत्नी नाजली सबा की दोस्त रुमाना ने बताया कि दोनों पति-पत्नी बहुत ही खुश मिजाज और अच्छे दिल के इंसान थे।
Kanpur Fire News: कानपुर के चमनगंज के प्रेमनगर के छह मंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड में कारोबारी मोहम्मद दानिश और उसके परिवार की मौत की खबर सुन पूरा मोहल्ला रोया। जिसने भी हादसे की खबर सूनी बस दौड़ता चला आया। सबके आंसू थम नहीं रहे थे। भाई कासिफ चीख-चीख कर रो रहा था और कह रहा था, मेरे बच्चे, मेरे भाई-भाभी चले गए। दानिश के मामू इशरत का रो-रोकर बुरा हाल था।
रोकर कहा कि में क्या देखूं? इतनी छोटी सी मेरी बच्चियां, उनका सिर जल गया। कैसे तड़पी होंगी मेरी बच्चियां? भांजा लेने गया था परिवार को बच्चियां नहीं मिल पाई। मिली भी वो तीनों एक साथ सिर्फ हड्डी के रूप में। हाय मेरी बच्चियां कैसे आग में तड़पी होंगी।
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भांजे की मौत से दुखी मामा
- फोटो : संवाद
आग से बचने के लिए कहां-कहां भागी होंगी। तलाशा होगा अपने अब्बू को अम्मी को, जो बेचारे अपने बच्चों को ढूंढ़ते रह गए और इस दुनिया से चले गए। सब कुछ उजड़ गया। सब बर्बाद हो गया। ये बातें कैसे बताऊं में दानिश के अब्बू को... ये कहकर मामू इशरत और पूरा परिवार एक दूसरे के गले लगकर बहुत रोया। पूरा मोहल्ला जो वहां पर था, सभी रो रहे थे। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और रिश्तेदार सब जार-जार रोए। हर आंख से आंसू निकल रहा था।
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सारा के साथ पढ़ने वाली छात्रा अनंता खान रोती हुई
- फोटो : संवाद
मैम ने बताया कि अब इनाया कभी नहीं आएगी
नन्हीं शिजा ने कहा इनाया मेरी अच्छी दोस्त थी। पूरे असेंबली मैं और मेरी मैम रोती रहीं। हम हर स्कूल फंक्शन में एक साथ ही रहते थे। सोमवार को असेंबली में उसकी फोटो पर फूल चढ़ाए गाए तो मैम ने बताया कि अब वो हमारे साथ कभी नहीं आएगी। शिजा ने कहा कि अगर वो कभी नहीं आएगी तो मैं भी स्कूल नहीं जाऊंगी। यह बातें कहते हुए शिजा ने दोस्त इनाया को याद किया। शिजा ने बताया कि सोमवार को यूनिफॉर्म पर काला कपड़ा लगाया गया। मां साजादा ने बताया कि शिजा स्कूल से घर आ जाती थी, लेकिन बातें सिर्फ और सिर्फ इनाया की करती थी। अब मुझे भी डर लग रहा है कि इस मासूम को कैसे समझाऊं।
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एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से दुखी महिलाएं रोते हुए
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बहुत ही खुशमिजाज थे पति पत्नी, साथ गए थे हज
दानिश की पत्नी नाजली सबा की दोस्त रुमाना ने बताया कि दोनों पति-पत्नी बहुत ही खुश मिजाज और अच्छे दिल के इंसान थे। पिछले साल उनके साथ में हज करने गए थे। उनसे वहीं पर दोस्ती हुई। रुमाना प्रेम नगर में रहती हैं। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में हमने साथ में इबादत की। खाना, घूमने जाना हमेशा साथ रहे। दोनों पति-पत्नी कम दोस्त ज्यादा लगते थे।
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अग्निकांड में जान गंवाने वालीं बच्चियों की नानी को सांत्वना देते परिजन
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कानपुर के चमनगंज के प्रेमनगर में एक इमारत में रविवार की रात आग लगने से पांच लोग जिंदा जल गए। नीचे भयंकर आग और पांचवीं मंजिल की छत के जीने के दरवाजे पर ताला लगा था। इसके बीच फंसे दंपती और उनकी तीन मासूम बेटियों की जान चली गई। बचाव कार्य में लगे कर्मियों को कारोबारी मोहम्मद दानिश (45) और उनकी पत्नी नाजली सबा (40) का शव चौथी मंजिल की सीढ़ियों पर मिला, जबकि तीनों बेटियों सारा (15), सिमरा (12) और इनाया (07) के शव तीसरी मंजिल की सीढ़ी के नीचे मिले। ऐसा लगता है कि यह लोग छत पर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाजे पर ताला लगा होने और अंदर आग एवं धुएं की वजह से खुद को नहीं बचा सके।
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बिजली मीटर से निकली चिंगारी से भड़की थी आग
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बिजली के मीटर की चिंगारी से भड़की आग
बता दें कि प्रेमनगर में दानिश की पांच मंजिला इमारत के भूतल में जूता कारखाना था। उसके ऊपर की दो मंजिल पर गोदाम था। बाकी की मंजिल पर दानिश और उसके भाई कासिफ का परिवार रहता था। हादसे से आधा घंटे पहले कासिफ परिवार समेत रिश्तेदारी में गए थे। रविवार की रात 8:25 बजे जूता कारखाने में लगे बिजली के मीटर की चिंगारी से भड़की आग का कहर करीब नौ घंटे तक चला।
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आग पर काबू पाने की कोशिश करते दमकलकर्मी
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बचाव कार्य में लगे थे 75 से ज्यादा कर्मी
इमारत में लगी आग को बुझाने के लिए नौ फायर टेंडर को 77 चक्कर लगाने पड़े तब जाकर सोमवार सुबह 5:35 बजे आग बुझी। आग बुझाने में पांच लाख लीटर से ज्यादा पानी की बौछार की गई। बचाव कार्य में 75 से ज्यादा कर्मी लगे थे। साथ ही हाइड्रोलिक प्लेटफार्म और एक रेस्क्यू वाहन का भी इस्तेमाल किया गया।
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आग में जला सामान
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देर रात 3:30 बजे दानिश और उनकी पत्नी नाजली सबा के शव निकाले गए। वहीं, रेस्क्यू टीम ने 5:34 बजे सारा, सिमरा और इनाया के शव को मकान के दाहिनी ओर स्थित दीवार तोड़कर निकाला। तीनों बेटियां बचने के लिए जीने के नीचे छिप गई थीं, लेकिन खुद को बचा न सकी। दानिश, पिता अकील को सुरक्षित निकालने के बाद पत्नी और बेटियों को बचाने के लिए अंदर गए थे।
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आग में जला सामान
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इसके बाद वह भी बाहर नहीं निकल सके। एसडीआरएफ की टीम ने भी दंपती और बेटियों के अलग-अलग शवों को देखकर भागमभाग के दौरान एक दूसरे का साथ छूटने की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम प्रभारी डॉक्टर नवनीत चौधरी के अनुसार, पांचों के शव 100 प्रतिशत जले हुए थे। दानिश का दाहिना हाथ आधा गल गया था।
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बैडरूम में जला सामान
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सभी के मुंह और नाक में कार्बन मिला
वहीं, बेटी इनाया की शरीर की हड्डी दिखने लगी थी। सभी के मुंह और नाक में कार्बन मिला है। दानिश की पत्नी नाजली का मायका नेपाल में है। शाम को नाजली की मां नौसवा खातून, फैजल और उसका छोटा भाई शहर आए। इसके बाद रात आठ बजे शवों को चमड़ा मंडी स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया। दो साल पहले तक दानिश सेना को जूते की आपूर्ति करते थे। वर्तमान में वह भाई कासिफ के साथ रियल इस्टेट का कारोबार भी कर रहे थे।
प्रेम नगर में एक साथ पांच जनाजे उठे
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सोमवार शाम करीब 5:54 बजे आंधी चलने पर आसपास के लोगों ने दानिश के फ्लैट से फिर आग की लपटें उठती देखीं। इस पर दमकल की गाड़ी बुलाई गई और आग को काबू किया गया। मृतकों के परिजनों को आपदा कोष से चार-चार लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।