कानपुर के रावतपुर स्थित कार्डियोलॉजी के आईसीसीयू में रविवार सुबह आग लग गई। इस दौरान मची अफरातफरी के बीच चार मरीजों की मौत हो गई। सेंट्रल एसी की वजह से धुआं भरने से अस्पताल की पूरी बिल्डिंग गैस चेंबर में तब्दील हो गई। इससे रोगियों का दम घुटने लगा तो चीखपुकार मच गई। पुलिस और दमकल के जवानों ने अस्पताल कर्मचारियों की मदद से शीशे तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला।
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कार्डियोलॉजी अग्निकांड
- फोटो : amar ujala
भर्ती सभी 140 मरीजों को हैलट की न्यू ओपीडी, कार्डियोलॉजी की नई बिल्डिंग और इमरजेंसी में शिफ्ट किया गया। दमकल कर्मी करीब आठ घंटे की मेहनत के बाद धुआं निकाल सके। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। रावतपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट है। यहां रविवार सुबह तक कानपुर और आसपास के जिलों के 140 रोगी भर्ती थे।
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कार्डियोलॉजी अस्पताल के आईसीयू में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
इनमें से 17 मरीज आईसीसीयू में थे। रविवार सुबह आईसीसीयू में भर्ती मीरपुर के टेकचंद (60) की मौत हो गई। डॉ. राहुल रंजन उसका डेथ सर्टिफिकेट बनाने के बाद ऊपर वाले तल में जा रहे थे, तभी आईसीसीयू में बने स्टोर की तरफ से धुआं उठता दिखा। उन्होंने अन्य डॉक्टरों को इसकी सूचना दी। तब तक धुआं आईसीसीयू में भरने लगा। थोड़ी ही देर में मरीजों का सांस लेना मुश्किल हो गया।
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कानपुर: कार्डियोलॉजी के आईसीयू में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। डॉक्टरों और स्टाफ ने रोगियों को बाहर निकालना शुरू किया, तब तक धुआं दूसरे और तीसरे तल पर भर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल के जवानों ने धुआं बाहर निकालने के लिए आईसीयू और वार्डों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। संस्थान के निदेशक डॉ. विनय कृष्णा, मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल मौके पर पहुंचे।
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कानपुर: कार्डियोलॉजी के आईसीयू में लगी आग
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उन्होंने हैलट के डॉक्टरों और स्टाफ को बुला लिया। सभी रोगियों की हालत स्थिर करने में जुट गए। इसी बीच न्यू बिल्डिंग में एक और रोगी इमाम अली (60) की मौत हो गई। उन्हें पेस मेकर लगा था। घाटमपुर, नौरंगा निवासी रसूलन (85) और बांदा के अतर्रा निवासी महेश प्रसाद (52) को नाजुक हालत में हैलट शिफ्ट किया गया। दोपहर में इन दोनों की भी मौत हो गई।
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कार्डियोलॉजी के आईसीसीयू में आग
- फोटो : amar ujala
उधर, आग लगने के बाद कार्डियोलॉजी में अफसरों का जमावड़ा लग गया। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर, पुलिस कमिश्नर असीम अरुण, डीएम आलोक तिवारी, एडिशनल सीपी आकाश कुलहरि, एडिशनल सीपी डॉ. मनोज कुमार समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। निदेशक डॉ. विनय कृष्णा ने बताया कि होली की वजह से जिन रोगियों की हालत बेहतर थी, वे घर चले गए।
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कार्डियोलॉजी के आईसीसीयू में आग
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। कमेटी के सदस्य डीजी फ़ायर सर्विस, मंडलायुक्त कानपुर और प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर संपूर्ण तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया है।
आग लगने के बाद मरीज को बाहर लाते हुए
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आईसीसीयू के सिस्टर रूम में ही स्टोर
डीजी फायर सर्विसेज आरके विश्वकर्मा ने घटनास्थल की जांच पड़ताल के बाद बताया कि मामले में लापरवाही की गई है। आईसीसीयू में स्टोर रूम क्यों बनाया गया है। स्टोर रूम सिस्टर रूम भी है। आईसीयू के भीतर आग कैसे लग गई? सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।