कानपुर के चमनगंज के प्रेम नगर में रविवार देर रात भड़की आग आग ठंडी पड़ गई है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां हटा दी गईं हैं। कानपुर में लगी आग ने जूता कारोबारी और उसके परिवार की जान चली गई थी।
कानपुर के चमनगंज के प्रेमनगर इलाके में रविवार रात 8:30 बजे धधकी आग पूरी तरह बुझ गई है। आग की तपिश में जली गृहस्थी की राख भी अब पूरी तरह ठंडी पड़ गई है। इसी के साथ ही आग के ताडंव को काबू करने के बाद से तीन दिन से तैनात फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी बुधवार सुबह वहां से हट गई। परिवार वालों ने घर पर ताला लगा दिया है। हालांकि पुलिस कर्मी अभी भी वहां तैनात हैं ।
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि आग के बुझने के बावजूद दो दिन तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को वहां पर रोके रखा गया ताकि यदि कहीं से भी आग भड़कने की गुंजाइश हो तो उसे खत्म किया जाए।
विज्ञापन
2 of 10
सारा, सिमरा और इनाया की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
दमकल कर्मियों की मेहनत के चलते पहले आग बुझी लेकिन जब तक धुआं उठना भी बंद नहीं हुआ, तब तक सब लगे रहे। मंगलवार शाम को उन्होंने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था और इसी के बाद गाड़ियों को हटवा लिया। वहीं, बुधवार दोपहर दानिश के घर के बाहर पड़ी कुर्सियों पर उनके कुछ दोस्त व रिश्तेदार बैठे थे, जिन्हें लोग दिलासा देकर दुख की घड़ी में साथ होने का भरोसा दिला रहे थे।
विज्ञापन
3 of 10
घटना के बाद मौके पर जमा लोग
- फोटो : संवाद
घर के सामने से निकलने वाले लोगों की नजरें भी एक बारगी उस मकान की ओर उठ रही थी। वहां से गुजरने वालों की जुबान पर एक ही बात थी कि यही मकान है जिसमें आग लगने से जूता कारोबारी दानिश, उसकी पत्नी और तीन बेटियां जिंदा जल गए। कासिफ के दोस्त और रिश्तेदार मंगलवार से ही मकान में अंदर जाने की जिद कर रहे थे जबकि पुलिस कर्मी उन्हें रोकते रहे।
4 of 10
अग्निकांड में जान गंवाने वालीं बच्चियों की नानी को सांत्वना देते परिजन
- फोटो : संवाद
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में दर्दनाक हादसा हुआ। यहां मकान में भीषण आग गई। आग लगने से बेसमेंट में एक के बाद एक लगातार तीन धमाके हुए। ड्रम में भरे केमिकल के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और तेजी से फैलने लगी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। रातभर आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती रहीं, सोमवार की सुबह आग पर काबू पाया जा सका। दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दंपती और तीन बच्चियां शामिल हैं। भीषण अग्निकांड में पांच सदस्यों को खोने वाले परिवार के लोगों का बुरा हाल है।
विज्ञापन
5 of 10
कारखाने में आग लगने के बाद उठीं लपटें
- फोटो : संवाद
भूतल पर था जूते बनाने का कारखाना
जानकारी के अनुसार, कानपुर के चमनगंज थाना इलाके के घनी आबादी वाले प्रेमनगर इलाके में कारोबारी दानिश की छह मंजिला इमारत है। इसमें दानिश और उसके भाई कासिफ का ही परिवार रहता है। भूतल पर दानिश का मिलिट्री के जूते बनाने का कारखाना है। इसके ऊपर गोदाम है। इमारत के अन्य तलों में जूते रखे हुए थे। रविवार को कारखाना बंद था। रात करीब 9:30 बजे कारखाने में आग लग गई।
विज्ञापन
6 of 10
मो. दानिश की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
आग को बढ़ता देख इमारत में रह रहे परिवार के लोग जान बचाकर भागे। सूचना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा दमकल की कई गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। दो सौ मीटर के दायरे को सील कर देर रात तक आग बुझाने के साथ ही बचाव अभियान शुरू किया गया। एहतियातन आसपास की इमारतों को खाली कराया गया।
विज्ञापन
7 of 10
घर में आग लगने के बाद नजारा
- फोटो : संवाद
सूचना पर एडीएम राजेश सिंह के अलावा एक दर्जन से ज्यादा थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। देर रात तक आग बुझाने का काम जारी था। एसडीआरएफ को भी मौके पर बुला लिया गया था। इमारत में आग लगने से दरारें भी पड़ गईं हैं। रविवार रात 9:30 बजे छह मंजिला इमारत के भूतल में जूते बनाने वाले कारखाने में आग लगी। ऊंची-ऊंची लपटें देख अफरातफरी मच गई। दमकल की 35 गाड़ियां देर रात तक आग बुझाने की कोशिश में जुटी रहीं, सोमवार सुबह आग पर काबू पाया गया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की वजह सामने आई।
8 of 10
ऐसे धधकती रही इमारत
- फोटो : अमर उजाला
चमनगंज में फैले दमघोंटू धुएं से सांस लेना हुआ मुश्किल
कानपुर के चमनगंज की छह मंजिला इमारत में आग लगने के बाद क्षेत्र में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। लोग अपने नाक और मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर निकले। बुजुर्गों की जहां सांस फूलने लगी, वहीं बच्चों और किशोरों को भी परेशानी हुई। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने केमिकल और जूतों के ढेर में आग लगने की वजह से हानिकारक गैसें निकलने की वजह बताया।
9 of 10
Kanpur Fire
- फोटो : अमर उजाला
बहनों को याद कर बिलख रहे कासिफ के बेटे
रिश्तेदारों के मुताबिक दानिश और कासिफ जैसा प्यार ही उनके बच्चों में भी था। बड़े भाई दानिश के तीन बेटियां सारा, सिमरा और इनाया फातिमा थीं। वहीं, कासिफ के दो बेटे अयान और सूफियान हैं। दोनों भाईयों के बच्चों में खूब अच्छी पटती थी। संग खेलने जाना हो या शॉपिंग के लिए बाजार, बच्चे अक्सर साथ ही रहते। पांचों भाई-बहनों के बीच खूब प्यार था।
हाय अप्पी कहां चली गईं?
कासिफ हो या दानिश, दोनों में से जो भी बाजार जाता, सभी बच्चों के लिए खाने-पीने की चीजें या खिलौने लाना नहीं भूलता। घटना के बाद से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बहनों को याद कर जब वह रोना शुरू कर देते हैं तो मां उन्हें दिलासा देती। छोटा बेटा सूफियान अपनी छोटी बहन इनाया और सिमरा व सारा को याद करके बार बार बिलख कर कहता है, हाय अप्पी कहां चली गईं। इसके बाद परिवार वाले उसे समझाते लेकिन खुद उनके आंसू छलक पड़ते।