कानपुर के चौबेपुर में हुई मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पुलिस हर उस ठिकाने पर ढूंढ रही है जहां कभी विकास ने कदम रखा है। पुलिस की पचास से अधिक टीमें विकास को ढूंढने के लिए पिछले 60 घंटों से लगातार दबिश दे रही हैं। विकास दुबे की मां ने बताया कैसे वो एक आम इंसान से यूपी का मोस्ट वांटेड अपराधी बन गया।
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विकास दुबे और उसकी मां सरला दुबे
- फोटो : amar ujala
विकास अपराधी कैसे बना? इस सवाल पर मां सरला दुबे ने कहा कि नेता-नगरी ने उसे बिगाड़ दिया। उसने बिकरू के साथ ही आसपास के 85 गांव का पूरा इलाका चमका दिया था। बिजली-पानी और सड़क, सब कुछ किया। लेकिन नेताओं ने उसे गलत राह पर डाल दिया। पहले उससे अपराध करवाए, फिर उसकी जान के पीछे पड़ गए। उन्होंने कहा कि विकास ने जो किया, वो तो उसे भुगतना ही पड़ेगा।
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एडीजी एलओ और विकास दुबे एवं हमले में शहीद पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
सरला ने बताया कि विकास करीब पांच साल भाजपा में, 15 साल बसपा और पांच साल सपा में रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह इतना ही खराब था तो राजनीतिक पार्टियों और उस वक्त के मुख्यमंत्रियों ने उसे अपने दल में शामिल क्यों किया? अगर नेता-नगरी उससे दूर रहती तो शायद विकास आज शांति से जीवन जी रहा होता। सरला ने बताया कि शुक्रवार को घर पर चूल्हा नहीं जला।
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विकास दुबे का घर पुलिस ने किया तहस नहस
- फोटो : amar ujala
बहू, बच्चे सब भूखे रहे। शनिवार सुबह उनकी तबियत बिगड़ गई तो पड़ोस के एक जानने वाले के साथ अस्पताल गईं। उन्होंने बताया कि विकास ने कानपुर के शास्त्रीनगर निवासी रुचि से प्रेम विवाह किया था। उसका एक बेटा आकाश रूस में रहकर एमबीबीएस की तैयारी कर रहा है, जबकि दूसरा बेटा शांतनु यहां पीजीआई के एल्डिको स्थित मिलेनियम स्कूल में हाईस्कूल का छात्र है। दीप प्रकाश की पत्नी अंजलि कानपुर में ग्राम प्रधान है। उसका बेटा गुनगुन व राम पीजीआई के एल्डिको स्थित एलपीएस स्कूल में पढ़ते हैं।
बोलीं मेरे बेटे को नेता-नगरी ने अपराधी बना दिया। अब यही नेता-नगरी उसकी जान लेने पर तुली है। पर, सरकार को सोचना चाहिए कि गलती विकास ने की है तो उसे सजा दे। हमारा घर क्यों तोड़ डाला। अब हम बुजुर्ग कहां रहेंगे। सरला बेटे की करतूत और सरकार की सख्त कार्रवाई से इतनी परेशान हैं कि उन्होंने अपने मरने तक की बात कह डाली। बोलीं, अब मर ही जाएं तो ठीक है।