चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र को मुखबिरी का डर था। इसलिए समय से पहले दबिश दी थी। पुलिस के पहुंचते ही दहशतगर्द विकास को एनकाउंटर का खौफ हुआ तो उसने पुलिस पर सीधे हमला कर दिया जिसमें आठ पुलिस कर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
ये बड़ा खुलासा विकास दुबे ने पुलिस की पूछताछ में किया है। उसने बताया कि चौबेपुर थाने से उसको सूचना मिली थी कि सुबह पांच से छह के बीच दबिश पड़ेगी। मगर सीओ देवेंद्र मिश्र को पता चल गया था कि मुखबिरी हो गई है। इसलिए उन्होंने तय समय से करीब चार घंटे पहले तकरीबन रात एक बजे दबिश डाल दी।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
इसकी जानकारी करीब एक घंटे पहले विकास को मिल गई थी। विकास का कहना था कि उसने असलहों के साथ साथियों को बुलवाया। जेसीबी लगवाई और मोर्चा लेने को तैयार हो गया। उसको एनकाउंटर होने का डर था। इसलिए पुलिस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
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30 लोग आए थे, खाना भी खाया था
विकास ने बताया कि उस दिन उसने अपने 30 गुंडों को खाने पर भी बुलाया था। खाने पीने का इंतजाम हो ही रहा था कि दबिश की सूचना मिली। ऐसे में और 30-40 चालीस लोगों को बुलाया गया। असलहों का जखीरा लाया गया।
सीओ ने दी थी देख लेने की धमकी
विकास ने बताया कि सीओ से उसकी नहीं बनती थी। हर मामले में वो टांग अड़ाते थे। कई बार देख लेने की धमकी भी दे चुके थे। इसकी जानकारी चौबेपुर एसओ ने भी दी थी। इसलिए सीओ से सबसे अधिक खुन्नस थी।