दहशतगर्द विकास दुबे को मध्यप्रदेश में पनाह देने वाले शराब कारोबारी के भाई की तलाश एसटीएफ ने शुरू कर दी है। एसटीएफ ने मंगलवार को पनकी निवासी उसके भाई के परिजनों को उठाया है। उनसे पूछताछ जारी है। फिलहाल भाई का पता नहीं चल सका है। विकास का साथ देने में ये दोनों भाई एसटीएफ की रडार पर हैं।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे वारदात के बाद जब फरार हुआ था, तो वह पहले फरीदाबाद गया और वहां से दिल्ली-जयपुर होते हुए उज्जैन पहुंचा। मध्यप्रदेश में उसको एक शराब कारोबारी ने शरण दी। ये कारोबारी चित्रकूट का रहने वाला है और उसका दूर का रिश्तेदार है। उसका भाई पनकी में रहता है। एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक शराब कारोबारी की भूमिका संदिग्ध है।
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जांच जारी है। इधर कुछ ऐसा इनपुट मिला कि शराब कारोबारी का भाई भी विकास का खास रहा है। आशंका है कि वारदात के बाद इसने भी उसे शरण देने और फरार कराने में मदद की। एसटीएफ ने पनकी में उसके भाई के घर दबिश दी। मगर वह नहीं मिला। जांच में पता चला कि वो कई दिनों से फरार है। ऐसे में एसटीएफ का शक और गहरा गया है। एसटीएफ ने उसके परिवार के सदस्यों को उठाकर पूछताछ शुरू की है।
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शराब कारोबार में लगाए दस करोड़
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि जमीन के कामों के अलावा शराब के धंधे में विकास ने करीब दस करोड़ रुपये लगाए थे। इसमें मध्यप्रदेश वाले शराब कारोबारी ने उसका साथ दिया। विकास ने एकमुश्त रकम उसको कारोबार के लिए दी। इससे उसने शराब का काम बढ़ाया। उसके बदले विकास को हर माह करीब 10 लाख रुपये मिलते थे।
शहर के आठ कारोबारियों की सीडीआर खंगाली जा रही
एसटीएफ और पुलिस की जांच में शहर के आठ कारोबारियों के नाम सामने आए हैं। अधिकतर कारोबारियों से विकास का बड़ा लेनदेन हुआ है। अब पुलिस और एसटीएफ ये खंगाल रही है कि विकास की मदद में कौन-कौन शामिल था या आपराधिक घटनाओं में किसने साथ दिया।