कानपुर के बिकरु गांव में आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने में विकास के गुर्गों का अहम रोल रहा है। विकास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले यह गुर्गे विकास के हर अपराध में उसके साथ होते। दो जुलाई की रात पुलिस पर हमले में भी गुर्गों ने उसका जमकर साथ दिया। किसी ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं तो किसी ने पुलिस कर्मियों को खोज-खोजकर गोलियों से छलनी किया। अभी तक की कार्रवाई में पुलिस के हाथ विकास और उसके सात गुर्गे लग चुके हैं जबकि 12 फरार चल रहे हैं। जिसमें पांच का एनकाउंटर कर पुलिस ने मारा गिराया। वहीं दो लोगों के पैर में गोली लगी है और वो पुलिस की गिरफ्त में हैं। पढ़िए विकास के सात गुर्गों के अपराध की क्राइम कुंडली....
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अमर दुबे
हमीरपुर के मौदहा में हुए एनकाउंटर में मारा गया अमर दुबे, विकास के साथ रहने वालों में सबसे खास था। घटना की रात अमर ने अवैध 32 बोर की पिस्टल के अलावा पुलिसकर्मियों की 9 एमएम पिस्टल छीन कर उनपर गोलियां बरसाई थीं। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक अमर विकास दुबे का सबसे खास गुर्गा था। एसएसपी ने बताया कि अमर खतरनाक था। जरा सी बात पर गोली चला देता था। 29 जून को अमर की शादी हुई थी।
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प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय
फरीदाबाद से कानपुर लाते वक्त विकास दुबे के खास प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय ने पुलिस से पिस्टल छिन भागने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस की ओर से चली गोली में इसकी जान चली गई। इसने दो जुलाई की रात 9 एमएम की सरकारी पिस्टलें लूटीं और उनसे भी गोलियां चलाईं। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक कार्तिकेय भी विकास की वजह से खुलेआम गुंडई करता था। वारदात की रात विकास के इशारे पर इन दोनों ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं । जब पुलिसकर्मी छिपने को भागे तो दौड़ाकर घायल पुलिसकर्मियों को दबोच लिया।
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प्रेम प्रकाश पांडेय
जिस घर में सीओ देवेंद्र मिश्रा को दरिंदंगी से मौत के घाट उतारा गया वह प्रेम प्रकाश का ही था। घटना के अगले दिन शुक्रवार को कांबिंग के दौरान इसको सर्विलांस की मदद से पकड़ा गया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद प्रेम प्रकाश पुलिस को आंख दिखाता रहा था। इस दौरान उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में इसकी जान चली गई। बताया जाता है विकास के साथ यह कई वारदातों में शामिल रहा है। थाने में इसके खिलाफ डकैती समेत कई संगीन अपराधों में मामले दर्ज हैं ।
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अतुल दुबे
काशीराम नवादा गांव के मंदिर में छिपे विकास के चचेरे भाई अतुल को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से उसकी जान चली गई। यह विकास के इशारे पर वारदात को अंजाम देने का काम करता था। घटना वाले दिन पुलिस जवानों को मौत के घाट उतारने में इसने भी गोलियां चलाई थीं। विकास के फरार होने के बाद ये भी फरार हुआ था पर पुलिस ने जंगल में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।
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प्रवीण उर्फ बऊआ दुबे
बिकरु गांव में हुई घटना के बाद पचास हजार के इनामी बदमाश प्रवीण उर्फ बऊआ को 9 जुलाई की सुबह इटावा में पुलिस ने ढेर कर दिया। इसके पास से लूटी गई स्विफट डिजायर कार और असलहा भी पुलिस ने बरामद किया है। घटना की रात पुलिस कर्मियों को खोज खोज कर मारने में यह भी शामिल था। इसको विकास के करीबियों में एक माना जाता है। इसके खिलाफ शहर के कई थानों में मुकदमें दर्ज हैं।
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श्यामू बाजपेयी
पुलिस ने कानपुर के चौबेपुर में मुठभेड़ के दौरान विकास दुबे के साथी श्यामू बाजपेयी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे घायल अवस्था में हैलट में भर्ती कराया है। विकास दुबे के फरार होने के बाद यह पांचवीं मुठभेड़ थी। श्यामू पर पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह विकास के इशारे पर किसी पर हमला करने वालों में से एक था। घटना वाली रात फायरिंग करने वालों में यह भी शामिल था। इस पर जिले के कई थानों में गंभीर धाराओं में मुकदमें दर्ज हैं ।
दया शंकर अग्निहोत्री
विकास दुबे के साथी दयाशंकर अग्निहोत्री को पुलिस ने घटना के बाद मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। यह विकास के घर में नौकर के रुप मे काम करता था। घटना की रात विकास के इशारे पर इसने भी पुलिस पर गोलियां बरसाई थीं। विकास के घर से मिले फर्जी वोटर आईडी कार्ड में दयाशंकर और उसकी पत्नी रेखा की फोटो अन्य नामों से मिली थी।